कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा। ग्राम पंचायत कोरबी (सी) में तत्कालीन सरपंच पुनिता कंवर और सचिव मेहरून निशा पर विकास कार्यों की राशि में भारी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। पंचायत भवन में रनिंग वाटर सिस्टम के नाम पर 1 लाख 06 हजार 700 रुपए निकाले गए, लेकिन आज तक भवन में पानी की व्यवस्था नहीं हो पाई।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते पंचवर्षीय कार्यकाल में लाखों की राशि कागज़ों में खर्च दिखाई गई, जबकि ज़मीनी हकीकत में काम नदारद है। पंचायत भवन रंगाई–पुताई, स्कूल–आंगनबाड़ी मरम्मत, मार्ग सुधार और नाली निर्माण जैसे कार्यों पर 20 लाख से ज्यादा खर्च दर्शाया गया, लेकिन गांव में इसका कोई अता–पता नहीं है।
धारा 49 का उल्लंघन
छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 49 के तहत ग्राम पंचायतों को बुनियादी सुविधाओं के विकास का दायित्व है। 15वें वित्त आयोग से मिली राशि बिजली, पानी, सड़क और शिक्षा पर खर्च की जानी चाहिए थी, लेकिन कोरबी (सी) पंचायत में इस उद्देश्य को दरकिनार कर विकास निधि का दुरुपयोग किया गया।
आरोप–प्रत्यारोप का खेल
मामले के उजागर होने के बाद जिम्मेदार अब एक–दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं।
भाजपा नेता व पूर्व सरपंच पति रामसिंह कंवर का आरोप है कि सचिव मेहरून निशा और तत्कालीन उपसरपंच इंद्र कुमार ने मिलकर करोड़ों का गड़बड़झाला किया।
वहीं सचिव मेहरून निशा का कहना है कि सरपंच और उपसरपंच ने आपसी मिलीभगत से उन्हें भ्रमित कर राशि आहरित कराई और कार्य अधूरे छोड़ दिए।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन बनने के बाद से आज तक रंगाई–पुताई नहीं हुई और न ही रनिंग वाटर सिस्टम लगाया गया। वे जनपद और जिला स्तर पर इस मामले की शिकायत कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
स्पष्ट है कि पंचायत में भ्रष्टाचार हुआ है, अब देखना यह होगा कि जांच के बाद कितनी सच्चाई सामने आती है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।








