संघर्ष से शिखर तक: संतोष कुमार यदु की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है!

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जन्म: 22 जुलाई 1994 | स्थान: तिल्दा-नेवरा, छत्तीसगढ़

गरीबी की झोपड़ी से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर — जनसेवा, पत्रकारिता और राजनीति में सशक्त उपस्थिति


मजदूरी की जिंदगी से मिली जज़्बे की ताकत

22 जुलाई 1994 को तिल्दा-नेवरा के एक बेहद गरीब मजदूर परिवार में जन्मे संतोष कुमार यदु का जीवन असल मायनों में संघर्ष और संकल्प की जीवंत मिसाल है। पिता बुधराम यदु और माता पुन्नी बाई ने झोपड़ी में रहकर बच्चों का पालन-पोषण किया। बड़े भाई बसंत यदु ने 10 रुपये की दिहाड़ी में काम कर परिवार को सहारा दिया — वह भी ऐसे दौर में जब भूख, गरीबी और संघर्ष ही रोज़मर्रा की हकीकत थे।


स्कूल से राइस मिल तक: बचपन की तपस्या

संतोष ने प्रारंभिक शिक्षा बालक प्राथमिक शाला, तिल्दा-नेवरा से ली। लेकिन पढ़ाई और पेट की आग में संतुलन असंभव था। स्कूल से लौटते ही राइस मिल में काम करना उनका रोज़ का नियम था। 2011 में आर्थिक स्थिति ने उन्हें पढ़ाई छोड़ने को मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने राइस मिल, आलू गोदाम, दुकान और अनाज भंडार जैसी जगहों में मेहनत की।


जनसेवा की ओर पहला कदम

जनवरी 2021 में महादेवघाट, रायपुर में एक सामाजिक आयोजन के दौरान शिवसेना नेता संतोष यदु से मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा बदली। अप्रैल 2021 में मां बगदाई मंदिर, मोहंदी के कार्यक्रम में शिवसेना में शामिल होकर उन्होंने समाज सेवा का संकल्प लिया। कोरोना काल में जब लोग दूर हो रहे थे, तब वे सेवा के करीब पहुंचे। उन्हें तिल्दा-नेवरा नगर उपाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिली।


राजनीति में नई पहचान

2022-23 में शिवसेना के विभाजन के समय उन्होंने उद्धव ठाकरे गुट का साथ चुना।
23 जुलाई को बेमेतरा बैठक में बलौदा बाजार विधानसभा प्रभारी नियुक्त हुए।
2024-25 के नगरीय निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी बने और लगातार गरीबों, मजदूरों, किसानों के हक़ में आंदोलन, धरना और जनजागरूकता अभियान चलाए।


पत्रकारिता में न्याय की आवाज़

2018 से वे सामाजिक संगठनों में सक्रिय रहे।
आज:

  • रायपुर ब्यूरो चीफ, दैनिक दबंग केसरी
  • संस्थापक-संपादक, खोज खबर छत्तीसगढ़ न्यूज पोर्टल

उन्होंने पत्रकारिता को केवल खबरों का माध्यम नहीं, बल्कि न्याय दिलाने का हथियार बनाया। आम लोगों की आवाज़ बनकर कई मुद्दों को उठाया।


राष्ट्रीय मंच पर सम्मान और गौरव

  • 16 जुलाई 2024: पिता के निधन के बावजूद सेवा का मार्ग नहीं छोड़ा।
  • 29 नवंबर 2024: दिल्ली में “पत्रकार गौरव रत्न” सम्मान से सम्मानित (अखिल भारतीय यदुवंशी महासभा द्वारा)।
  • अप्रैल 2025: राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ द्वारा दिल्ली में डॉ. एम.जे. अकबर व डॉ. पवित्र मोहन सावंतराय के हाथों सम्मानित।
  • प्रदेश संयोजक, छत्तीसगढ़ राज्य, राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ
  • जगन्नाथ मंदिर, हौज खास (दिल्ली) में नेशनल फेडरेशन ऑफ स्मॉल न्यूज़ पेपर्स के चुनाव में भागीदारी।

जन्मदिन पर शुभकामनाएं — संघर्ष से चमकते सितारे को सलाम

संतोष कुमार यदु का जीवन सिखाता है कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे बुलंद हों तो रास्ते खुद बन जाते हैं
उनकी कहानी हर उस युवा के लिए एक प्रेरणा है जो मेहनत, ईमानदारी और सेवा को अपना धर्म मानता है।


वचन न्यूज़  परिवार की ओर से

संपादक  संतोष कुमार यदु को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं
आपका जीवन नई ऊंचाइयों को छुए, यही कामना है।

🙏 जय छत्तीसगढ़! जय यादव समाज! जय भारत!

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