एक ही मकान पर दो आवास स्वीकृति! रोजगार सहायक ने किया फर्जीवाड़ा, मनरेगा मजदूरी भी दबाई, जिला CEO से की गई शिकायत

Spread the love

कोरबी पंचायत का गंभीर मामला, दो लाभार्थियों के नाम पर एक ही आवास की राशि निकाली, दूसरी महिला हितग्राही को धमकाकर मजदूरी राशि से किया वंचित

पाली/कोरबा: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा के क्रियान्वयन को लेकर पाली जनपद की ग्राम पंचायत कोरबी में एक बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। यहां के रोजगार सहायक भाव सिंह पाटले पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उन्होंने एक ही आवास को दो अलग-अलग हितग्राहियों के नाम पर जियो टैग कर आवास की राशि हड़प ली, वहीं एक महिला हितग्राही की मनरेगा मजदूरी भी दबा ली गई। मामले की लिखित शिकायत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से की गई है।


एक ही मकान, दो जियो टैग – दो बार निकाली गई रकम!

ग्राम पंचायत कोरबी में धनसिंह पिता मयाराम और नारायण पिता धनसिंह दोनों के नाम प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था। लेकिन रोजगार सहायक भाव सिंह ने मिलिभगत से दोनों के नाम पर एक ही मकान का निर्माण कराया और दो बार जियो टैग कर पोर्टल पर अलग-अलग अपलोड कर दिया। इसके आधार पर पूरी 1.20 लाख रुपए की आवास राशि निकाल कर बंदरबांट कर ली गई।

मौके पर केवल एक ही मकान का निर्माण पाया गया जबकि दूसरे आवास का अस्तित्व ही नहीं है। ग्रामीणों ने इसकी जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।


महिला हितग्राही को मनरेगा मजदूरी से किया वंचित, शिकायत पर मिली धमकी

इसी पंचायत की एक अन्य महिला हितग्राही रामेश्वरी कंवर के नाम पर भी प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ था, जिसका निर्माण उसने पूरा कर लिया। उसे तीनों किश्तें मिल गईं, लेकिन मनरेगा मद से मिलने वाली मजदूरी की राशि नहीं दी गई।

रामेश्वरी का आरोप है कि रोजगार सहायक ने यह राशि किसी अन्य के खाते में भेज दी और खुद आहरण कर ली। जब उसने इस संबंध में पूछताछ की, तो भाव सिंह पाटले ने धमकी दी –
“जहां जाना है जाओ, तुम्हारा पैसा नहीं मिलेगा।”

इसका उल्लेख करते हुए रामेश्वरी ने 21 जुलाई को जिला CEO को लिखित शिकायत सौंपी है। जनपद CEO को जांच निर्देशित कर दिया गया है।


पारदर्शिता पर सवाल, योजना की छवि को लगा धक्का

इस पूरे घटनाक्रम ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) और मनरेगा जैसे जनकल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजगार सहायक के साथ-साथ ब्लॉक समन्वयक की भी संलिप्तता से इन गड़बड़ियों को अंजाम दिया गया है।

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर कितनी गंभीरता दिखाता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Related Posts

मंदिरों को बनाया निशाना, कटर मशीन से काटते थे ताले; जांजगीर-चांपा में शातिर गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार

Spread the love

Spread the love    जांजगीर-चांपा। स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट।       जांजगीर-चांपा। जिले के अलग-अलग मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का जांजगीर-चांपा पुलिस ने पर्दाफाश…

मैनपाट के जंगल में भालू का हमला: खुखड़ी बीनने गई महिला गंभीर घायल, मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर

Spread the love

Spread the love    सरगुजा/मैनपाट। विशेष रिपोर्ट।       सरगुजा/मैनपाट। 4 अगस्त 2026 आज जिले के मैनपाट क्षेत्र से एक चिंताजनक घटना सामने आई है। सरभंजा ग्राम के डुमरगोड़ा…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!