गुरुग्राम। विदेश में बैठे गैंगस्टर इन दिनों गुरुग्राम पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं। उनके गुर्गे शहर में जबरन वसूली, सुपारी किलिंग और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। बीते एक महीने के भीतर हुईं तीन घटनाओं ने पुलिस की कार्यशैली और मुखबिर तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली घटना 14 जुलाई को हुई थी, जब मशहूर हरियाणवी गायक राहुल फाजिलपुरिया पर एसपीआर रोड पर फायरिंग की गई। कार सवार हमलावरों ने उनकी थार गाड़ी रुकवाकर गोलियां चलाईं, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। हमले की जिम्मेदारी गैंगस्टर सुनील सरधानिया ने ली थी और धमकी दी थी कि यदि राहुल ने दीपक नांदल को 5 करोड़ रुपये नहीं दिए, तो उनके करीबियों को निशाना बनाया जाएगा।

इस धमकी के 20 दिन बाद, 4 अगस्त को राहुल के करीबी रोहित शौकीन की उसी इलाके में 20 से ज्यादा गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। बताया गया कि दीपक नांदल ने फोन कर रोहित को गुरुग्राम बुलाया था, जिसके बाद यह वारदात हुई।

इसके बाद तीसरी बड़ी घटना रविवार सुबह सामने आई, जब मशहूर यूट्यूबर और राहुल फाजिलपुरिया के दोस्त एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। यह हमला इलाके में गैंगस्टरों द्वारा दहशत फैलाने की नीयत से किया गया बताया जा रहा है।

पुलिस जांच में अब तक कमी
इन घटनाओं के बाद भी पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में है। राहुल फाजिलपुरिया पर हुए हमले को एक महीना बीत चुका है, लेकिन शूटर अब तक पकड़ से बाहर हैं। केवल दो आरोपित पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जो रेकी कर रहे थे। वहीं, रोहित शौकीन की हत्या के 15 दिन बाद भी पुलिस किसी मुख्य आरोपित को नहीं पकड़ पाई है। एल्विश यादव के घर फायरिंग के मामले में भी पुलिस के पास अभी कोई ठोस सुराग नहीं है।
एसटीएफ भी जांच में जुटी
लगातार बढ़ती वारदातों को देखते हुए एसटीएफ भी सक्रिय हो गई है। सूत्रों के अनुसार, जब भी किसी वारदात की जिम्मेदारी किसी गैंगस्टर द्वारा ली जाती है, एसटीएफ स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू कर देती है। इस समय गुरुग्राम पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीमें तीनों मामलों की जांच कर रही हैं।










