गुवाहाटी टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को जीत के लिए 549 रन का विशाल लक्ष्य दिया है। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह दूसरी बार है जब टीम इंडिया के सामने 500 से अधिक रनों का टारगेट रखा गया है। इससे पहले 2004 नागपुर टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 543 रन का लक्ष्य दिया था, जहां टीम इंडिया को 342 रनों से करारी हार मिली थी—जो आज भी भारत की सबसे बड़ी रन-अंतर की हार है।
27/2 पर भारत की पारी, 522 रन और चाहिए
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने दूसरी पारी में 27 रन पर दो विकेट गंवा दिए। केएल राहुल (6) और यशस्वी जायसवाल (13) जल्दी पवेलियन लौटे।
कुलदीप यादव और साई सुदर्शन क्रीज पर हैं। जीत के लिए भारत को अभी भी 522 रन बनाने हैं और बुधवार को निर्धारित 90 ओवर इस टेस्ट और सीरीज की दिशा तय करेंगे।
क्या भारत लिख पाएगा इतिहास?
इतिहास भारत के पक्ष में नहीं है। टेस्ट के आखिरी दिन 500+ रन चेज आज तक कभी सफल नहीं हुआ।
टेस्ट इतिहास में पांचवें दिन 400+ रन का पीछा सिर्फ एक बार सफल हुआ है—
ऑस्ट्रेलिया, हेडिंग्ले 1948: 404/3 (ब्रैडमैन की टीम)
लेकिन भारत का लक्ष्य इससे कहीं भारी है।
भारत ने 21वीं सदी में सिर्फ एक बार 100+ ओवर खेलकर बचाया मैच
2021 सिडनी टेस्ट में भारत ने चोटों और दबाव के बावजूद 131 ओवर खेलकर मैच ड्रॉ कराया था—
पंत, अश्विन, हनुमा और पुजारा की जुझारू बल्लेबाजी उस मैच को ऐतिहासिक बना गई थी।
लेकिन अब टीम के पास पुजारा–हनुमा जैसा रक्षात्मक दीवार वाला बल्लेबाज नहीं है।
चौथे दिन भारत 15.5 ओवर खेल चुका है।
पांचवें दिन उसे 90 ओवर और खेलने हैं, यानी कुल 95.5 ओवर—इतना भारत घर में पहले भी कई बार खेल चुका है।
एशिया में 400+ लक्ष्य का सफल चेज आज तक नहीं
एशियाई उपमहाद्वीप में किसी भी टीम ने 400 से अधिक का लक्ष्य पीछा कर जीत नहीं दर्ज की।
सबसे बड़े रिकॉर्ड:
- 395/7 – वेस्टइंडीज, चटगांव (2021)
- 387/4 – भारत, चेन्नई (2008)
अगर भारत गुवाहाटी में 549 रन का पीछा कर लेता है, तो यह टेस्ट इतिहास का सबसे बड़ा चमत्कार बन जाएगा।
अब सवाल—
क्या भारत इतिहास को फिर से लिख पाएगा?
या दक्षिण अफ्रीका सीरीज में 2-0 की बढ़त बना लेगा?
बुधवार के 90 ओवर तय करेंगे यह मुकाबला—और शायद एक नया इतिहास भी।









