बिलासपुर । बिलासपुर में सार्वजनिक परिवहन की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने ई-सिटी बस सेवा शुरू करने में हो रही देरी पर स्वतः संज्ञान लेते हुए राज्य शासन से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि आखिर शहर में सुविधायुक्त इलेक्ट्रिक सिटी बस सेवा कब तक शुरू की जाएगी?
शासन से शपथपत्र में मांगा जवाब
मंगलवार को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन आगामी सुनवाई से पहले शपथपत्र के माध्यम से यह बताए कि बिलासपुर और अन्य शहरी क्षेत्रों में ई-बस सेवा कब तक प्रारंभ होगी। अगली सुनवाई जून माह में निर्धारित की गई है।
फिटनेस और यात्री सुविधा पर उठे सवाल
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने शहर में अभी चल रही पुरानी और जर्जर बसों पर भी चिंता जताई। कोर्ट ने कहा कि खराब फिटनेस वाली बसों से यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर खतरा मंडरा रहा है।
निगम ने दी जानकारी: खरीदी प्रक्रिया जारी
नगर निगम और शासन की ओर से अदालत को बताया गया कि नई सुविधायुक्त इलेक्ट्रिक सिटी बसों की खरीदी प्रक्रिया जारी है। जल्द ही यह सेवा शुरू की जाएगी, जिससे यात्रियों को स्वच्छ और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके।
अब तक नहीं सुधरी व्यवस्था, बसें बन गईं कबाड़
बिलासपुर में साल 2016 में केंद्र सरकार की योजना के तहत 25 करोड़ रुपये की लागत से 50 सिटी बसें प्रदान की गई थीं। लेकिन रखरखाव और संचालन में भारी लापरवाही के कारण आज सिर्फ 18 बसें ही संचालित हो रही हैं, जबकि बाकी की अधिकांश बसें कबाड़ में तब्दील हो चुकी हैं।
प्रदूषण मुक्त सेवा की राह देख रहे नागरिक
शहरवासियों को इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने का लंबे समय से इंतजार है। यह सेवा न केवल पर्यावरण के लिए फायदेमंद होगी, बल्कि सस्ती और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प भी प्रदान करेगी।
अब निगाहें शासन की ओर हैं, जो जून में कोर्ट को बताएगा कि आखिरकार बिलासपुर में ई-सिटी बसें कब दौड़ेंगी। हाईकोर्ट के निर्देश से उम्मीद है कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को लेकर गंभीर कदम जल्द उठाए जाएंगे।







