मुंगेली/छत्तीसगढ़। मोचन सिंह सोनवानी विशेष रिपोर्ट।
भव्य झांकियों, गगनभेदी जयकारों और भक्तिमय माहौल के बीच माता रानी को दी गई भावपूर्ण विदाई, ‘कांतारा’ के दिव्य स्वरूप ने मोहा श्रद्धालुओं का मन
मुंगेली/छत्तीसगढ़। माता रानी की भक्ति, आस्था और उत्साह से सराबोर मुंगेली जिले में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम भव्यता और भक्तिमय वातावरण के बीच संपन्न हुआ। माता रानी को विदाई देने के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आकर्षक झांकियों, धार्मिक प्रस्तुतियों और गगनभेदी जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। इस दौरान मशहूर फिल्म ‘कांतारा’ से प्रेरित दिव्य एवं आकर्षक झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही।
‘कांतारा’ के दिव्य रूप ने बांधा समां
माता विसर्जन कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत ‘कांतारा’ झांकी ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। झांकी का अनूठा स्वरूप, प्रभावशाली प्रस्तुति और धार्मिक भावनाओं से जुड़ा आकर्षण देखकर उपस्थित जनसमूह मंत्रमुग्ध हो गया। झांकी के सामने श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग इस मनमोहक प्रस्तुति को देखकर झूम उठे और पूरे वातावरण में उत्साह की लहर दौड़ गई।
इस विशेष झांकी ने विसर्जन कार्यक्रम को और भी यादगार बना दिया। इसकी आकर्षक प्रस्तुति की चर्चा लोगों के बीच होती रही। धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक रंगों का यह संगम आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनकर सामने आया।
भव्य झांकियों के साथ माता रानी को भावपूर्ण विदाई
मुंगेली जिले में विभिन्न समितियों द्वारा माता रानी के मनमोहक स्वरूपों और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी गई। श्रद्धालु माता के दर्शन कर भावविभोर नजर आए। जैसे-जैसे विसर्जन का समय नजदीक आया, वैसे-वैसे माहौल भावनाओं से भरता गया। एक ओर माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा, तो दूसरी ओर विदाई की घड़ी में भक्तों की आंखें नम हो गईं।
‘जय माता दी’ और ‘अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलकामना का आशीर्वाद मांगा। भक्तों ने नम आंखों से माता रानी को विदाई देते हुए अगले वर्ष फिर से आगमन की प्रार्थना की।
आस्था, संस्कृति और उत्साह का बना यादगार संगम
मुंगेली का यह विसर्जन आयोजन धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक परंपरा और जनभागीदारी का सुंदर उदाहरण बना। आकर्षक झांकियों और भक्तिमय प्रस्तुतियों ने आयोजन को विशेष पहचान दी। खासकर ‘कांतारा’ झांकी ने लोगों के बीच अपनी अलग छाप छोड़ी और विसर्जन समारोह की यादों को और भी खास बना दिया।
माता रानी की विदाई के साथ ही श्रद्धालुओं ने एक बार फिर अपनी अटूट आस्था का परिचय दिया। भक्तों के मन में यही विश्वास और प्रार्थना रही कि मां दुर्गा सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें और अगले वर्ष फिर से धूमधाम के साथ पधारें।








