कोमाखान | कोमाखान थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में एक नाबालिग सहित दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। दोनों मामलों में संबंधित वाहन चालकों के विरुद्ध भारतीय न्यायतंत्र संहिता (BNS) की धारा 106(1) के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज करते हुए पुलिस ने जांच प्रारंभ कर दी है।
पहला मामला: बैंड बजाकर लौटते समय युवक की दुर्घटना में मौत
पहली घटना 22 जनवरी 2025 की रात लगभग 11 बजे की है, जब तोमश ध्रुव (उम्र 29 वर्ष), निवासी कोसमखुंटा, थाना फिंगेश्वर, जिला गरियाबंद, कोमाखान क्षेत्र में बैंड बजाने के बाद अपने HF डीलक्स मोटरसायकल (क्रमांक CG 06 GS 7245) से लौट रहा था।
कोमाखान चौखड़ी के पास उसकी बाइक डिवाइडर से टकरा गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पहले बागबाहरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, और फिर रायपुर के गुडविल्स अस्पताल में रेफर किया गया, जहाँ 5 फरवरी 2025 को इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में तोमश ध्रुव द्वारा स्वयं की लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना का कारण बनने पर धारा 106(1)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले की जांच जारी है।
दूसरा मामला: 14 वर्षीय किशोर की दुर्घटना में मौत
दूसरी घटना 14 मार्च 2025 को शाम लगभग 5 बजे की है, जब धरमबांधा (नुआपाड़ा, ओडिशा) निवासी नैन सिंह उर्फ नयन सिंह मांझी अपने 14 वर्षीय रिश्तेदार घनाराम मांझी के साथ बजाज प्लेटिना मोटरसायकल (क्रमांक OD 26 F 9766) से ग्राम खट्टी आया हुआ था।
लौटते समय, खट्टी मोड़ के पास अनियंत्रित होकर वाहन गिर गया, जिससे पीछे बैठे घनाराम को गंभीर चोटें आईं। उसे 108 एम्बुलेंस से नुआपाड़ा जिला अस्पताल (ओडिशा) में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
इस मामले में पहले थाना नुआपाड़ा (ओडिशा) में मर्ग क्रमांक 08/2025 पंजीबद्ध कर शव पंचनामा किया गया था। आगे की जांच के लिए मर्ग डायरी को कोमाखान थाना स्थानांतरित किया गया, जहाँ मर्ग क्रमांक 16/2025 धारा 194-BNSS के तहत जांच की गई।
जांच के दौरान सामने आया कि मोटरसायकल चालक नयन सिंह मांझी की लापरवाही के कारण हादसा हुआ, जिसमें उसे स्वयं कोई चोट नहीं आई, लेकिन घनाराम मांझी की मौत हो गई। इस आधार पर आरोपी चालक के विरुद्ध धारा 106(1)-BNS के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
कोमाखान पुलिस दोनों मामलों की विवेचना कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।







