प्यार, शादी, शक और कत्ल: लखनऊ में रिश्तों का खौफनाक अंत

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पत्नी की गोली मारकर हत्या के बाद बहन को भी मारा, फिर खुद दी जान; पोस्टमार्टम में चौंकाने वाले खुलासे, कोर्ट की सुनवाई के बाद बढ़ा था विवाद

 

लखनऊ। प्यार से शुरू हुई एक शादी का अंत ऐसी खौफनाक वारदात में हुआ, जिसने पूरे लखनऊ को झकझोर दिया। पति-पत्नी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद, शक, आर्थिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों के बीच मानस बाजपेयी ने पहले अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या की, फिर घर पहुंचकर बहन तूलिका को मौत के घाट उतार दिया और आखिर में खुद भी गोली मारकर जान दे दी।

घटना के बाद सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की शुरुआती जांच में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। शुक्रवार को तीनों शवों का डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। रिपोर्ट के मुताबिक दिव्या और तूलिका के सिर में गोली फंसी मिली, जबकि मानस के सिर से गोली आर-पार हो गई थी। दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के छह निशान भी मिले हैं।

बैंक के बाहर पत्नी की हत्या, फिर घर पहुंचकर बहन को मारा

पुलिस के मुताबिक हुसड़िया चौराहा निवासी 38 वर्षीय मानस बाजपेयी ने वर्ष 2017 में 35 वर्षीय दिव्या मिश्रा से प्रेम विवाह किया था। मानस स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के ऑडिट विभाग में कार्यरत था, जबकि दिव्या आईसीआईसीआई बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर थीं।

दोनों के बीच करीब दो साल से विवाद चल रहा था। दिव्या अपने मायके में रहने लगी थीं और इसी साल जनवरी में उन्होंने पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी दाखिल की थी।

घटना वाले दिन मानस ऑटो से गोमतीनगर स्थित बैंक के पास पहुंचा। दिव्या के बैंक पहुंचते ही उसने उनके सिर में गोली मार दी। इसके बाद वह ऑटो से अपने घर पहुंचा, जहां उसने बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी और फिर खुद को गोली मार ली। पुलिस के मुताबिक तीनों घटनाएं करीब 30 मिनट के भीतर हुईं।

पत्नी की हत्या के बाद लगाया WhatsApp स्टेटस

वारदात के बाद मानस ने WhatsApp पर ऐसा स्टेटस लगाया, जिससे रिश्तेदारों को घटना की जानकारी हुई। स्टेटस में उसने पत्नी पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए अपनी और बहन की हत्या करने की बात लिखी थी।

स्टेटस देखकर रिश्तेदार मानस के घर पहुंचे। दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़कर अंदर जाने पर कमरे में मानस और तूलिका के शव मिले। पुलिस को मौके से दो पिस्तौल और एक तमंचा भी मिला। जांच में यह भी सामने आया है कि मानस के पास शस्त्र लाइसेंस नहीं था।

पांच साल पहले हुआ गर्भपात, रिश्तों में आई खटास

रिश्तेदारों के मुताबिक शादी के शुरुआती वर्षों में मानस और दिव्या के रिश्ते सामान्य थे। करीब पांच साल पहले दिव्या गर्भवती हुई थीं और परिवार में बच्चे के आने की उम्मीद थी, लेकिन गर्भपात हो गया। इस घटना का दोनों पर गहरा असर पड़ा। इसके बाद दोनों के बीच दूरी बढ़ने लगी और धीरे-धीरे रिश्तों में तनाव पैदा हो गया।

इसी बीच मानस के पिता आरके बाजपेयी का 2018 में और मां अंजू का 2022 में निधन हो गया। माता-पिता की मौत का असर बहन तूलिका पर भी पड़ा। परिजनों के अनुसार उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई थी और उनका इलाज चल रहा था। मानस अपनी बहन की देखभाल करता था और उसे अकेला नहीं छोड़ना चाहता था।

तलाक, एक करोड़ रुपये हर्जाना और गुजारा भत्ता बना विवाद

दिव्या ने तलाक के साथ स्त्रीधन और करीब एक करोड़ रुपये हर्जाने की मांग भी की थी। दोनों के बीच गुजारा भत्ता और घर के खर्च को लेकर भी विवाद होने की बात सामने आई है।

18 अगस्त को पारिवारिक न्यायालय में मामले की सुनवाई हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि उस दिन कोर्ट परिसर में दोनों के बीच क्या बातचीत हुई थी। पुलिस ने दोनों पक्षों के वकीलों से संपर्क किया है और कोर्ट परिसर के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि मानस तलाक नहीं चाहता था और पत्नी के साथ दोबारा रहने की इच्छा रखता था। उसने मार्च में पत्नी के साथ रहने के लिए न्यायालय में आवेदन भी दिया था।

पत्नी पर शक करने लगा था मानस

परिजनों के मुताबिक दिव्या के अलग रहने के बाद मानस उनके प्रति शक करने लगा था। आरोप है कि वह उनकी गतिविधियों पर नजर रखता था और यह जानने की कोशिश करता था कि दिव्या कहां जा रही हैं और किससे मिल रही हैं।

पुलिस ने मानस के चालक से भी पूछताछ की है। अब दिव्या की बहन प्रज्ञा और बहनोई भरत के बयान भी दर्ज किए जाने हैं।

दोनों पक्षों के बीच बढ़ी दूरी

पोस्टमार्टम हाउस पर शुक्रवार को दोनों परिवारों के रिश्तेदार मौजूद रहे, लेकिन दोनों पक्षों के बीच दूरी साफ दिखाई दी। दिव्या के शव का अंतिम संस्कार उनके मायके पक्ष ने किया, जबकि मानस और तूलिका के शव परिजनों को सौंपे गए।

घटना के बाद मानस का करोड़ों रुपये कीमत का मकान भी पुलिस ने सील कर दिया है। माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी थी और अब परिवार में मानस, दिव्या और तूलिका में से कोई भी जीवित नहीं बचा।

पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल

इस सनसनीखेज वारदात के पीछे आखिर वह कौन-सा तत्काल कारण था, जिसने मानस को पत्नी, बहन और फिर खुद की जिंदगी खत्म करने तक पहुंचा दिया—पुलिस अब इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।

कोर्ट की 18 अगस्त की सुनवाई, वैवाहिक विवाद, आर्थिक मांग, पत्नी पर शक, बहन की जिम्मेदारी और वर्षों से चला आ रहा पारिवारिक तनाव—इन सभी पहलुओं को जोड़कर पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वारदात के वास्तविक कारणों की तस्वीर साफ हो सकेगी।

 

 

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