चंगोराभाठा से पति-पत्नी नक्सली गिरफ्तार, अफसरों के घर तक कर चुका था नौकरी
रायपुर, 26 सितंबर। राजधानी रायपुर से नक्सल विरोधी अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा इलाके से नक्सली दंपती को गिरफ्तार किया है। दोनों लंबे समय से फर्जी नाम और आधार कार्ड के सहारे किराए के मकान में रह रहे थे और संगठन के लिए शहरी नेटवर्क को सक्रिय करने का काम कर रहे थे।
कौन हैं गिरफ्तार नक्सली?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जग्गू उर्फ रमेश कुरसम (28 वर्ष) और उसकी पत्नी कमला कुरसम (27 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों मूल रूप से बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। राजधानी रायपुर में इन्होंने अपनी असली पहचान छिपाकर अलग-अलग इलाकों में ठिकाने बनाए और हाल ही में इलाज के बहाने चंगोराभाठा में किराए का मकान लिया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
सूत्रों के अनुसार पुलिस और सहायक खुफिया ब्यूरो (AIB) को सूचना मिली थी कि नक्सलियों का शहरी नेटवर्क सक्रिय है और एक दंपती लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रहा है। जांच के बाद पुलिस ने दोनों का लोकेशन ट्रेस किया और मकान की घेराबंदी कर दबिश दी। इस दौरान दोनों को मौके से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
अफसरों के घर तक नौकरी
पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी जग्गू कुरसम ने रायपुर के कई बड़े अफसरों के घरों में ड्राइवर और गार्ड की नौकरी की थी। इस दौरान वह शहर में अपनी पहचान छिपाने और सूचनाएं जुटाने में सफल रहा।
क्या मिला पुलिस को?
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस जग्गू कुरसम से गहन पूछताछ कर रही है, जबकि उसकी पत्नी कमला कुरसम को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस का अनुमान
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं। इससे राजधानी रायपुर और आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को तोड़ने में मदद मिलेगी।







