कोरिया, 26 सितंबर । जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों का आकलन और आम नागरिकों को जागरूक करने के उद्देश्य से आज झुमका जलाशय में व्यापक मॉक ड्रिल (मॉक एक्सरसाइज) आयोजित की गई। यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय भारत सरकार, नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, कोरिया के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ।
अभ्यास का उद्देश्य
इस मॉकड्रिल का मुख्य उद्देश्य जलाशय क्षेत्र में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटना और ग्रामीणों को आपदा से बचाव के उपायों की जानकारी देना था। अभ्यास के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि बाढ़ जैसी आपदा आने पर किस प्रकार तेजी से राहत और बचाव कार्य किया जाए तथा डूबते लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।
प्रमुख गतिविधियां
मॉकड्रिल में विभिन्न परिदृश्यों का अभ्यास किया गया—
बाढ़ की आशंका को देखते हुए ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का प्रदर्शन।
जलाशय में डूबते दो व्यक्तियों को जवानों ने तत्परता से बचाया।
दो मछुवारे सहित 10 पर्यटक जलाशय के टापू पर फंसे, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने सकुशल बाहर निकाला।
नाव पलटने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बचाने की तकनीक दिखाई गई।
तेज बहाव में फंसे ग्रामीणों को निकालने की प्रक्रिया समझाई गई।
पीड़ितों को सुरक्षित बाहर निकालकर फायर कर्मियों द्वारा एम्बुलेंस से स्वास्थ्य टीम तक पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों और स्वास्थ्य स्टाफ ने तत्काल प्राथमिक उपचार दिया।
ग्रामीणों को दिए गए निर्देश
आपदा प्रबंधन टीम ने ग्रामीणों को जागरूक करते हुए बताया कि:
बाढ़ की स्थिति में घबराएं नहीं, ऊंचाई वाले स्थानों पर जाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को पहले सुरक्षित करें।
नाव या रस्सी का उपयोग कर बचाव दल का सहयोग लें।
बिजली उपकरणों से दूरी बनाए रखें।
हमेशा साफ पीने का पानी उपयोग करें।
जिला सेनानी और अग्निशमन विभाग द्वारा इस अभ्यास के लिए होमगार्ड, बचाव दल, आवश्यक उपकरण और मोटरबोट उपलब्ध कराई गई थी।
प्रशासन की मौजूदगी
मॉकड्रिल के दौरान अपर कलेक्टर एवं जिले के इंसिडेंट कमांडर श्री सुरेंद्र प्रसाद वैद्य, सोनहत एसडीएम श्री राकेश साहू, डिप्टी कलेक्टर श्री अंशुल वर्मा सहित पुलिस बल, जिला सेनानी बल, स्वास्थ्य, पशुपालन विभाग, फायर ब्रिगेड एवं आपदा प्रबंधन दल के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।







