बोरतलाव के पास कनघुर्रा जंगल में हाल ही हुई पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। एमएमसी जोन के कुख्यात दर्रेकसा दलम का एसजेडसी मेंबर आनंद उर्फ विकास नगपुरे महाराष्ट्र के गोंदिया जिले में अपने 11 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है।
विकास लंबे समय से महाराष्ट्र, राजनंदगांव और मध्य प्रदेश पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। उसके खिलाफ कई गंभीर नक्सली घटनाओं में शामिल होने के प्रमाण थे। विकास पर 25 लाख रुपए, जबकि डीवीसी सदस्य नागसु उर्फ गोलू और रानो उर्फ रम्मो पर 16-16 लाख रुपए का इनाम घोषित था। बाकी नक्सलियों पर 2 से 6 लाख रुपए के इनाम थे।
🔶 अंतिम समय में बदला फैसला
समर्पण से एक दिन पहले एमएमसी जोन के प्रवक्ता अनंत के नाम से विकास ने तीनों राज्यों—छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश—के मुख्यमंत्री व पुलिस प्रमुखों से 1 जनवरी 2026 तक की मोहलत मांगी थी। लेकिन अचानक फैसला बदलकर सभी 11 नक्सलियों ने गोंदिया के दर्रेकसा इलाके में आत्मसमर्पण कर दिया।
🔶 हथियारों के साथ किया आत्मसमर्पण
गोंदिया स्थित कार्यक्रम में नक्सल डीआईजी अंकित गोयल सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने सभी का स्वागत किया।
समर्पण के दौरान—
- विकास ने अपनी AK-47 पुलिस को सौंपी,
- अन्य नक्सलियों ने SLR, INSAS समेत कई हथियार आत्मसमर्पित किए।








