बिल्हा, छत्तीसगढ़ – शासकीय अग्रसेन महाविद्यालय में “भारतीय भाषा परिवार” विषय पर दो-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। यह संगोष्ठी भारतीय भाषा समिति, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित की गई है। उद्घाटन कार्यक्रम मां सरस्वती एवं महाराजा अग्रसेन की पूजा, दीप प्रज्वलन और छत्तीसगढ़ राज्यगीत के साथ संपन्न हुआ।
मुख्य अतिथि कुलपति आचार्य ए.डी.एन. वाजपेयी ने छत्तीसगढ़ी भाषा में उद्बोधन देते हुए भारतीय भाषाओं की विविधता को सांस्कृतिक शक्ति बताया। मुख्य वक्ता प्रो. चितरंजन कर ने भाषा को चेतना और साहित्य को उसकी खेती करार दिया। इस अवसर पर “भारतीय भाषा परिवार” पर आधारित स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
संगोष्ठी में प्रो. नीलाद्रि शेखर दाश, प्रो. रामास्वामी सुब्रमणि, डॉ. संजय अनंत सहित अन्य विद्वानों ने भारतीय भाषाओं के विकास और संरक्षण पर अपने विचार साझा किए। सायंकाल सांस्कृतिक संध्या में बहुभाषी प्रस्तुतियों और “कैकेयी” नाटक ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।










