बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आते ही तस्वीर लगभग साफ हो चुकी है। राज्य की जनता ने एक बार फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) पर भरोसा जताते हुए प्रचंड बहुमत का जनादेश दिया है। जैसे-जैसे रुझान अंतिम परिणामों में बदलते गए, बिहार से लेकर दिल्ली तक NDA कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया।
दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार ने इस बार “गर्दा उड़ा दिया” और जनता का यह अटूट विश्वास NDA की नीतियों, विकास कार्यों और सुशासन की जीत है
पीएम मोदी ने कहा—
“हम जनता जनार्दन के सेवक हैं। बिहार के लोगों ने विकसित और समृद्ध बिहार के पक्ष में मतदान किया। मैंने रिकॉर्ड मतदान की अपील की थी और बिहार के मतदाताओं ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। यह जनादेश 2010 के बाद सबसे बड़ा है, इसके लिए बिहार की महान जनता को हृदय से नमन।”
प्रधानमंत्री ने NDA के सभी सहयोगियों को बधाई देते हुए कहा कि गठबंधन सरकार ने लगातार चौतरफा विकास किया है, और जनता ने उसी ट्रैक रिकॉर्ड को देखकर भारी बहुमत दिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लोजपा(R) के चिराग पासवान, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी और RLSP के उपेंद्र कुशवाहा को जीत की शुभकामनाएं दीं।
मोकेमा सीट पर जदयू की बड़ी जीत
मोकामा सीट से जदयू के अनंत कुमार सिंह ने राजद उम्मीदवार वीणा देवी को 28,206 वोटों से पराजित किया। अनंत सिंह को 91,416 वोट मिले, जबकि वीणा देवी 63,210 मत ही हासिल कर सकीं।
सुबह से शुरू हुई काउंटिंग, दोपहर तक तस्वीर साफ
243 विधानसभा सीटों पर वोटों की गिनती सुबह पोस्टल बैलेट के साथ शुरू हुई। EVM के रुझान आते ही NDA की बढ़त मजबूत होती दिखाई दी। अधिकांश एग्जिट पोल्स ने पहले ही NDA की वापसी का संकेत दिया था, जिसे आज के आंकड़ों ने सही साबित कर दिया।
जैसे-जैसे गिनती आगे बढ़ी, यह स्पष्ट हो गया कि बिहार में फिर एक बार NDA की सरकार बनने जा रही है और शाम तक राज्य को नई सरकार का चेहरा मिल गया।
बिहार की राजनीति में नया अध्याय
यह चुनाव केवल सीटों का मुकाबला नहीं था, बल्कि राज्य के आने वाले पाँच वर्षों के भविष्य का फैसला था। NDA की वापसी के साथ बिहार एक बार फिर विकास, स्थिरता और सुशासन के एजेंडे पर आगे बढ़ने की तैयारी में है।









