पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर आधिकारिक निर्णय भले ही नहीं हुआ हो, लेकिन सूत्रों के अनुसार नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। अगर ऐसा होता है, तो वह अपने राजनीतिक करियर का एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित कर देंगे।
10वीं बार शपथ लेकर बनाएंगे नया रिकॉर्ड
74 वर्षीय जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार अब तक 9 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ले चुके हैं। एनडीए की हालिया जीत के साथ उनके सामने 10वीं बार सत्ता में आने का अवसर है। अगर वे फिर से पद की शपथ लेते हैं, तो वह दुनिया में सबसे अधिक बार सीएम पद की शपथ लेने वाले नेता बन जाएंगे।
हालांकि, एनडीए में बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वह जेडीयू और नीतीश कुमार को नाराज़ करने का जोखिम नहीं लेना चाहेगी। यही कारण है कि नीतीश कुमार का फिर से सत्ता में आना लगभग तय माना जा रहा है।
कई दिग्गजों के रिकॉर्ड की बराबरी करने की ओर नीतीश
सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने का भारत का रिकॉर्ड सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के नाम है, जिन्होंने 24 साल 165 दिन तक राज्य की कमान संभाली।
उनके बाद ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक हैं जिन्होंने 24 साल 99 दिन तक शासन किया।
तीसरे स्थान पर पश्चिम बंगाल के प्रसिद्ध नेता ज्योति बसु हैं, जिन्होंने 23 साल 137 दिन तक मुख्यमंत्री पद संभाला।
अगर नीतीश कुमार आगामी कार्यकाल पूरा कर लेते हैं, तो वे इन दिग्गजों के कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी के बेहद करीब पहुंच जाएंगे।
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर: 9 शपथ, कई गठजोड़
नीतीश कुमार ने पहली बार साल 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, लेकिन सदन में बहुमत ना साबित कर पाने के कारण सिर्फ 7 दिनों में इस्तीफा देना पड़ा।
इसके बाद उन्होंने लगातार कई बार राजनीति में वापसी की और अलग-अलग परिस्थितियों में मुख्यमंत्री बने:
- 2005 — दूसरी बार शपथ, पूरा कार्यकाल
- 2010 — तीसरी बार
- 2014 — चौथी बार
- 2015 — पांचवीं बार
- 2017 — छठी बार (गठबंधन बदलने के बाद)
- 2020 — सातवीं बार
- 2022 — आठवीं बार
- 2024 — नौवीं बार
अब 2025 के चुनाव परिणामों के बाद, नीतीश कुमार दसवीं बार सत्ता में वापसी करने जा रहे हैं।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रिकॉर्ड?
- दुनिया में किसी भी नेता द्वारा सबसे अधिक बार मुख्यमंत्री/राज्य प्रमुख पद की शपथ लेने का रिकॉर्ड
- भारत में सबसे लंबे कार्यकाल वाले मुख्यमंत्रियों की सूची में ऊपर पहुंचने का मौका
- 25 वर्षों के राजनीतिक सफर में गठबंधनों से लेकर निर्णयों तक कई उतार–चढ़ाव के बावजूद शीर्ष पर बनाए रखने की क्षमता









