नई दिल्ली। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर सेना और वायुसेना प्रमुखों ने ऐसे खुलासे किए हैं, जिसने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में भारतीय वायु रक्षा तंत्र ने पांच पाकिस्तानी फाइटर जेट और एक एईडब्ल्यू एंड सी/ईएलआईएनटी निगरानी विमान को मार गिराया। उन्होंने बताया कि 7 मई को सीमा के पास और पाकिस्तान के भीतर आतंकवादी ठिकानों पर हमले किए गए, जिसमें यह बड़ी सफलता मिली।
इसी बीच, आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने पहली बार ऑपरेशन सिंदूर की योजना और उसके क्रियान्वयन पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद शुरू किया गया यह अभियान एक ‘ग्रे ज़ोन’ ऑपरेशन था—पारंपरिक युद्ध से अलग, लेकिन उतना ही निर्णायक। इसे उन्होंने शतरंज के खेल से तुलना करते हुए बताया कि दुश्मन की चाल का अंदाज़ा लगाए बिना मौके पर प्रतिक्रिया देनी पड़ी।
जनरल द्विवेदी ने बताया कि 23 अप्रैल को तीनों सेनाओं के प्रमुखों और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बीच बैठक में यह तय किया गया कि अब निर्णायक कदम उठाना ज़रूरी है। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, “अब बहुत हो चुका है, जो ज़रूरी है, करें।” इसके बाद उत्तरी कमान ने 9 में से 7 हाई-वैल्यू टार्गेट पर हमले किए, जिनमें कई आतंकियों का सफाया हुआ।
उन्होंने खुलासा किया कि इस ऑपरेशन के तहत दुश्मन के ‘हार्टलैंड’ में घुसकर कार्रवाई की गई और ‘नर्सरी’ व ‘मास्टर्स’ कोड नाम से टार्गेट नष्ट किए गए। इनमें पांच लक्ष्य जम्मू-कश्मीर और चार पंजाब में थे, जबकि दो मिशन वायुसेना के साथ मिलकर अंजाम दिए गए।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि यह मिशन उरी और बालाकोट से अलग था—उरी में लॉन्च पैड्स को निशाना बनाकर संदेश दिया गया था, जबकि बालाकोट में आतंकी शिविर तबाह किए गए थे। ऑपरेशन सिंदूर में व्यापक और गहरे स्तर पर कार्रवाई कर पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया गया।
उन्होंने चेतावनी दी कि यह अभियान चौथे दिन रुका जरूर, लेकिन यह 14 दिन, 140 दिन या 1400 दिन भी चल सकता है और सेना हर स्थिति के लिए तैयार है।









