पाकिस्तान की ओर से एक बार फिर नापाक हरकत की कोशिश की गई, लेकिन भारतीय सेना की मुस्तैदी ने उसे नाकाम कर दिया। अमृतसर स्थित पवित्र स्वर्ण मंदिर (गोल्डन टेंपल) को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमले को भारतीय एयर डिफेंस सिस्टम ने नाकाम कर दिया।
मेजर जनरल का खुलासा: गोल्डन टेंपल था लक्ष्य
15वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC) मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि ने इस गंभीर साजिश का खुलासा करते हुए बताया कि 7-8 मई की रात को पाकिस्तान और POK में भारतीय जवाबी हमलों के बाद पाकिस्तानी सेना ने अमृतसर पर हमला करने की योजना बनाई थी। खासकर, उन्होंने श्री हरमंदिर साहिब जैसे धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की थी।
आकाश मिसाइल और L-70 गनों ने किया हमला विफल
भारतीय सेना के एयर डिफेंस गनर्स पहले से अलर्ट पर थे। जैसे ही पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और मिसाइल भारतीय सीमा में दाखिल हुए, आकाश मिसाइल और एल-70 एयर डिफेंस गनों की मदद से सभी खतरे को हवा में ही खत्म कर दिया गया। सेना ने आज एक डेमो के ज़रिए दिखाया कि किस तरह उन्होंने स्वर्ण मंदिर और अन्य शहरों को सुरक्षित रखा।
स्थानीय लोगों ने निभाई अहम भूमिका
अमृतसर के नागरिकों ने भी इस संकट की घड़ी में सेना का भरपूर सहयोग किया। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जब हमले के संकेत मिले, तो लोगों ने शांतिपूर्ण ढंग से सुरक्षा बलों की मदद की और किसी भी अफवाह से बचते हुए प्रशासन का साथ दिया।
धार्मिक स्थलों पर हमला अस्वीकार्य
स्वर्ण मंदिर जैसे पवित्र स्थल को निशाना बनाने की पाकिस्तानी कोशिश न सिर्फ एक सैन्य अपराध, बल्कि धार्मिक असहिष्णुता की भी चरम सीमा है। भारत ने इस हमले को रोककर यह साबित कर दिया कि उसकी सुरक्षा प्रणाली न केवल सक्षम है, बल्कि हर खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार भी है।
यह घटनाक्रम एक बार फिर दर्शाता है कि भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और नागरिकों की सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकता है — और दुश्मन की हर चाल को नाकाम करना जानता है।










