दक्षिण गोवा के कैनाकोना स्थित श्री संस्थान गोकर्ण परतगली जीवोत्तम मठ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भगवान राम की 77 फुट ऊँची भव्य कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया। यह प्रतिमा मठ के 550वें वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सार्ध पंचशतामनोत्सव’ का प्रमुख आकर्षण रही।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मठ द्वारा विकसित ‘रामायण थीम पार्क’ का उद्घाटन किया और एक विशेष डाक टिकट व स्मारक सिक्का भी जारी किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी कर्नाटक के उडुपी में श्री कृष्ण मठ पहुंचे, जहां उन्होंने लक्ष कंठ गीता पारायण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहां उन्होंने एक लाख से अधिक भक्तों, संतों, छात्रों और विद्वानों के साथ मिलकर भगवद् गीता के श्लोकों का सामूहिक पाठ किया।
उडुपी प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री ने सुवर्ण तीर्थ मंडप का उद्घाटन किया और कनकना किंदी के लिए स्वर्ण आवरण ‘कनक कवच’ समर्पित किया। यह वही पवित्र खिड़की है जहां संत कनकदास को भगवान कृष्ण के दर्शन होने की मान्यता है।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कर्नाटक के पूर्व विधायक वी.एस. आचार्य के योगदान को याद किया और कहा कि उडुपी जनसंघ एवं भाजपा के सुशासन मॉडल की जननी रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि 1968 में उडुपी ने जनसंघ के वी.एस. आचार्य को नगर निगम के लिए चुनकर स्वच्छता और शहरी विकास के एक नए मॉडल की शुरुआत की थी।
गोवा और कर्नाटक के इस दौरे में प्रधानमंत्री की विविध आध्यात्मिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी ने स्थानीय जनता में उत्साह और श्रद्धा का वातावरण बनाया।









