रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल लगातार गरमाता जा रहा है। शनिवार को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट रायपुर स्थित सेंट्रल जेल पहुंचे, जहां उन्होंने चैतन्य बघेल से मुलाकात की। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
जेल परिसर में भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सचिन पायलट की इस भेंट को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि चैतन्य बघेल से मुलाकात के बहाने कांग्रेस एक बार फिर केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।
गौरतलब है कि एक हफ्ते पहले ईडी ने आबकारी घोटाले में छापेमारी के बाद चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से ही वह रायपुर सेंट्रल जेल में न्यायिक रिमांड पर हैं। कांग्रेस ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताते हुए प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया था। पार्टी का आरोप है कि यह गिरफ्तारी अडानी समूह के दबाव में की गई है, क्योंकि भूपेश बघेल सरकार ने पेड़ों की कटाई जैसे मुद्दों पर सवाल उठाए थे।
वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं और चैतन्य बघेल की गिरफ्तारी पूर्ववर्ती सरकार में हुए घोटालों से जुड़ी है। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह बदले की कार्रवाई नहीं, बल्कि कानून का पालन है।
सचिन पायलट के दौरे के साथ ही इस मामले ने एक बार फिर राजनीतिक रंग ले लिया है और आने वाले दिनों में सियासत और तेज हो सकती है।








