तोरेसिंहा में सुशासन तिहार का सफल आयोजन, 3966 मामलों का त्वरित निराकरण

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महासमुंद जिले के सरायपाली विकासखंड के ग्राम तोरेसिंहा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार 2025 के तृतीय चरण के अंतर्गत समाधान शिविर का आयोजन उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का उद्देश्य शासन की योजनाओं और सेवाओं को सीधे जनता के द्वार तक पहुंचाना तथा उनकी समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान करना है।

अब तक इस शिविर में कुल 3911 मांगें और 67 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 3901 मांगों और 65 शिकायतों का मौके पर ही समाधान कर 3966 प्रकरणों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया है। वर्तमान में केवल 10 मांगें और 2 शिकायतें लंबित हैं, जिन पर शीघ्र कार्यवाही की जाएगी।

शिविर के पांचवें दिन की उपलब्धियां
पांचवें दिन कुल 97 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 40 प्रकरणों का निपटारा तुरंत मौके पर ही कर दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने प्रशासन की तत्परता की सराहना की और आभार प्रकट किया।

प्रशासनिक नेतृत्व की सक्रिय भूमिका
इस अवसर पर अपर कलेक्टर डॉ. रविराज ठाकुर ने कहा, “जनता की समस्याओं का निष्पक्ष और त्वरित समाधान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुशासन तिहार शासन की जनसेवा की भावना को धरातल पर साकार करने का प्रभावशाली माध्यम है।”

महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया ने कार्यक्रम को शासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और सेवा भाव की मिसाल बताते हुए कहा, “इस पहल से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों जैसे समाज के वंचित वर्गों को विशेष लाभ मिल रहा है। योजनाओं का लाभ जब एक ही मंच पर उपलब्ध हो, तो इससे जनविश्वास और सहभागिता को नई दिशा मिलती है।”

जनप्रतिनिधियों का समर्थन
जिला पंचायत सदस्य कुमारी भास्कर ने कहा, “गांव की समस्याएं अनसुनी न रहें, इसके लिए सुशासन तिहार जैसी मुहिम बेहद आवश्यक है। इस आयोजन ने ग्रामीणों को समाधान के साथ-साथ सम्मान भी प्रदान किया, जिससे शासन के प्रति विश्वास और अपनापन बढ़ा है।”

मुख्य उपस्थित गणमान्य
कार्यक्रम में ग्राम सरपंच श्रीमती अनिता कुम्हार, तहसीलदार श्रीधर पंडा, जनपद पंचायत सीईओ श्री अमित कुमार हालदार, नोडल अधिकारी सुश्री मनीषा देवांगन (अतिरिक्त तहसीलदार), प्रभारी अधिकारी श्री बी.एल. मिर्धा (अनुविभागीय कृषि अधिकारी) सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन शामिल हुए।

सेवा एवं कल्याण योजनाओं का लाभ
शिविर में शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गोदभराई एवं अन्नप्राशन, सुपोषण किट वितरण, श्रम कार्ड निर्माण, दिव्यांगजनों को उपकरण, तथा पशुपालन विभाग द्वारा गाय पालन हेतु एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता जैसे लाभ भी पात्र नागरिकों को प्रदान किए गए।

यह शिविर न केवल शासन की योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बना, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास की मजबूत कड़ी के रूप में उभरा।

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