कोरबा पाली-हरदीबाजार : पाली विकासखंड के हरदीबाजार क्षेत्र में मितानिन कार्यकर्ता श्रीमती अनुसूईया राठौर और ब्लॉक स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान ने नया मोड़ ले लिया है। इस विवाद ने अब प्रशासनिक गलियारों से निकलकर राजनीतिक रंग लेना शुरू कर दिया है, जिससे मितानिनों की नियमित सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
श्रीमती अनुसूईया राठौर ने हाल ही में जिला कलेक्टर के जनदर्शन में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने डीआरपी विजय कश्यप, एमटी श्रीमती विमला कलिहारे और सुनीता कंवर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने पंचायत चुनाव लड़ने से पहले औपचारिक अनुमति मांगी थी और यदि नियम विपरीत हों, तो इस्तीफा मान लिया जाए—यह स्पष्ट किया था। चुनाव के बाद दोबारा मितानिन सेवा में लौटने के लिए उन्होंने आवेदन भी दिया, लेकिन आरोप है कि उन्हें जानबूझकर गुमराह किया गया और वापसी के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
राठौर का यह भी आरोप है कि उक्त अधिकारियों द्वारा कई मितानिनों से भी अवैध वसूली की जा रही है और उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराकर षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भोली-भाली मितानिनों से दबाव में कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवाए गए हैं, जिससे उनके विरुद्ध साजिश को अंजाम दिया जा सके।
दूसरी ओर, मितानिन संघ की जिलाध्यक्ष विमला कंवर और अन्य पदाधिकारियों ने पलटवार करते हुए कहा है कि अनुसूईया राठौर ने जनपद चुनाव लड़ने के लिए स्वयं इस्तीफा दिया था, ऐसे में उनकी दोबारा बहाली अनुचित होगी। संघ का कहना है कि अगर उन्हें वापस लिया गया, तो कई पूर्व मितानिन कार्यकर्ताओं को भी पुनः सेवा में जोड़ा जाना पड़ेगा। उन्होंने रिश्वत के आरोपों को भी निराधार बताया और राठौर पर मितानिनों को भ्रमित करने का आरोप लगाया।








