बिलासपुर/स्वराज जयसवाल की विशेष रिपोर्ट
आज 19 मार्च से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ हिंदू नववर्ष ‘विक्रम संवत 2083’ का शुभारंभ हो चुका है। इस वर्ष के राजा देवगुरु बृहस्पति हैं, जिनका प्रभाव ज्ञान, धन और समृद्धि को बढ़ाने वाला माना जाता है। मान्यता है कि आज किए गए शुभ कार्य पूरे साल किस्मत को चमका सकते हैं और जीवन में सुख, शांति व सफलता का द्वार खोलते हैं।
घर की सफाई
हिंदू नववर्ष के पहले सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करनी चाहिए. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. ईश्वर की कृपा होती है. क्योंकि भगवान स्वच्छ स्थान पर ही पधारते हैं. नववर्ष की प्रथम भोर में अगर आप मुख्य द्वार पर एक रंगोली बनाएं और दीप जलाएं तो और भी उत्तम परिणाम मिलेंगे.
पूजा-पाठ
नववर्ष की पहली सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और अपने ईष्ट देवों को स्मरण करें. इसके बाद स्नान करें और साफ-सुथरें वस्त्र धारण करें. फिर मंदिर में जाकर भगवान के सामने एक दीपक जलाएं और उनकी विधिवत पूजा करें. भगवान को फल, फूल चढ़ाएं और मिठाई का भोग लगाएं. इस दिन नवरात्र भी प्रारंभ हो रहे हैं तो इस पूजा का फल कई गुना अधिक हो सकता है.
मंत्रों का जाप
नववर्ष की शुभ वेला पर भगवान का ध्यान करें. कुछ मंत्रों का जाप करना भी आपके लिए कल्याणकारी साबित हो सकता है. आर गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जाप कर सकते हैं. गायत्री मंत्र का जाप करने से आपको मानसिक शांति मिलेगी. जबकि महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से अकाल मृत्यु और रोग-बीमारियों का भय दूर होगा.
नए काम या शुभ कार्य का संकल्प
हिंदू नववर्ष नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है. इसलिए इस दिन किसी नए कार्य की शुरुआत या कोई नया संकल्प लेना बहुत अच्छा माना जाता है. कहते हैं कि इस दिन शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना प्रबल होती है.
दान-पुण्य
हिंदू नववर्ष के पहले दिन यदि आप दान पुण्य करते हैं तो बहुत अच्छा रहेगा. इस दिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को दान देने से बड़ा पुण्य मिल सकता है. चूंकि इस वर्ष के राजा गुरु बृहस्पति हैं. इसलिए आप इनसे जुड़ा ही दान करें तो अच्छा होगा. आप चने की दाल, हल्दी, केला, पीले वस्त्र, गुड़, केसर, मिश्री कांसे के बर्तन या सामर्थ्य के अनुसार धन का दान भी कर सकते हैं।








