संसद के शीतकालीन सत्र का पहला दिन सोमवार को तीखे राजनीतिक टकराव के बीच बीता। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष ने दोनों सदनों में जोरदार हंगामा किया। नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित होने के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में SIR पर टकराव, कई विधेयक हंगामे के बीच पारित
विपक्ष की तीखी आपत्तियों के बावजूद लोकसभा ने ‘मणिपुर माल और सेवा कर (दूसरा संशोधन) विधेयक, 2025’ पारित कर दिया। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के शोर-शराबे के बीच ‘केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025’ और ‘स्वास्थ्य सुरक्षा से राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025’ सदन में पेश किए।
सरकार ने 2025-26 के लिए 41,455 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय की मंजूरी भी मांगी, जिसमें लगभग 27,000 करोड़ रुपये उर्वरक और पेट्रोलियम सब्सिडी से जुड़े हैं।
राज्यसभा में स्वागत और हंगामा—दोनों साथ
राज्यसभा में शीतकालीन सत्र की शुरुआत नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति और नए सभापति सी.पी. राधाकृष्णन के भव्य स्वागत के साथ हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष समेत सभी दलों के नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएँ दीं और सदन के सुचारु संचालन की उम्मीद जताई।
लेकिन SIR पर तत्काल चर्चा की मांग पर सरकार से स्पष्ट समयसीमा न मिलने से असंतुष्ट विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और इस मांग को खारिज नहीं किया गया है।
19 दिनों का सत्र, 15 बैठकें—पहला दिन विवादों के नाम
इस बार शीतकालीन सत्र 19 दिनों तक चलेगा और इसमें 15 बैठकों का कार्यक्रम तय है। पहला ही दिन SIR विवाद से पूरी तरह प्रभावित रहा। विपक्ष ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण एक संवेदनशील मुद्दा है और इस पर तुरंत चर्चा आवश्यक है।









