छत्तीसगढ़/सरगुजा सुमर दास की विशेष रिपोर्ट।
छत्तीसगढ़/सरगुजा जिले के बरगवा तेंदूपत्ता फड़ में 11 मई से तेंदूपत्ता तोड़ाई एवं खरीदी कार्य का शुभारंभ पारंपरिक उत्साह और ग्रामीण उमंग के बीच विधिवत रूप से किया गया। सीजन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में तेंदूपत्ता संग्रहक सुबह से जंगलों की ओर निकल पड़े और दोपहर तक फड़ परिसर में भारी चहल-पहल देखने को मिली। गांव-गांव से पहुंचे महिला, पुरुष एवं बुजुर्ग संग्रहकों के चेहरों पर इस बार बेहतर आमदनी और अच्छे सीजन की उम्मीद साफ दिखाई दी।

बरगवा फड़ में सुबह से ही तेंदूपत्ता जमा कराने वालों की लंबी कतारें लगी रहीं। संग्रहकों ने जंगलों से मेहनतपूर्वक तोड़े गए तेंदूपत्तों को फड़ में जमा कराया, जहां खरीदी कार्य सुव्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष की तरह इस बार भी तेंदूपत्ता सीजन उनके लिए आर्थिक संबल लेकर आया है। गर्मी के मौसम में यह कार्य ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार का सबसे बड़ा साधन बनता है, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

फड़ अभिरक्षक सुधी सिंह किसी आवश्यक कारणवश उपस्थित नहीं रह सकीं, लेकिन फड़ की संपूर्ण व्यवस्था एवं संचालन की जिम्मेदारी मुंशी रामनारायण सिंह ने बखूबी संभाली। उन्होंने संग्रहकों की सुविधा का ध्यान रखते हुए खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से संचालित कराया। उनके मार्गदर्शन में फड़ में तेंदूपत्ता की तौल, जांच एवं जमा प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होती रही।

बरगवा फड़ में पहले ही दिन जिस प्रकार का उत्साह देखने को मिला, उससे पूरे क्षेत्र में तेंदूपत्ता सीजन को लेकर सकारात्मक माहौल बन गया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि इस वर्ष तेंदूपत्ता उत्पादन अच्छा रहेगा और उन्हें शासन की ओर से निर्धारित उचित पारिश्रमिक का लाभ मिलेगा। जंगलों से जुड़ी यह पारंपरिक आजीविका आज भी हजारों ग्रामीण परिवारों की आर्थिक रीढ़ बनी हुई है।









