ONGC और NTPC ने अयाना पावर में 100% हिस्सेदारी खरीदी
सरकारी ऊर्जा कंपनियाँ ONGC और NTPC ने मिलकर अयाना रिन्यूएबल पावर प्राइवेट लिमिटेड में 100% हिस्सेदारी खरीद ली है। भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) ने इस 19,500 करोड़ रुपये के सौदे को मंजूरी दे दी है। इस अधिग्रहण के बाद ONGC और NTPC की अयाना पावर में 50-50% हिस्सेदारी होगी।
अयाना के मौजूदा निवेशकों से हुआ समझौता
ONGC और NTPC ने इस डील को पूरा करने के लिए अयाना पावर के मौजूदा निवेशकों के साथ करार किया था। इन निवेशकों में शामिल हैं—
🔹 नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) – 51% हिस्सेदारी
🔹 ब्रिटिश इंटरनेशनल इन्वेस्टमेंट PLC – 32% हिस्सेदारी
🔹 एवरसोर्स कैपिटल – 17% हिस्सेदारी
इस अधिग्रहण से भारत में अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) सेक्टर को और मजबूती मिलेगी।
अक्षय ऊर्जा क्षेत्र की दूसरी सबसे बड़ी डील
यह सौदा भारत के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में दूसरा सबसे बड़ा अधिग्रहण है। इससे पहले अक्टूबर 2021 में अडानी ग्रीन एनर्जी ने SB एनर्जी इंडिया को 30,520 करोड़ रुपये (करीब 3.5 बिलियन डॉलर) में खरीदा था।
अयाना पावर के पास 4.1 गीगावाट की संपत्तियाँ
अयाना पावर के पास कुल 4.1 गीगावाट की अक्षय ऊर्जा परियोजनाएँ हैं, जिनमें कुछ ऑपरेशनल और कुछ निर्माणाधीन हैं। यह डील ONGC और NTPC की हरित ऊर्जा (Green Energy) में विस्तार की रणनीति का हिस्सा है।
ONGC का मुनाफा घटा, तीसरी तिमाही में 17% गिरावट
ONGC को वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही में 8,240 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ, जो पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 17% कम है।
📉 वित्त वर्ष 2023-24 की तीसरी तिमाही में ONGC का मुनाफा – 9,892 करोड़ रुपये
📉 वित्त वर्ष 2024-25 की दूसरी तिमाही में समेकित शुद्ध लाभ – 10,273 करोड़ रुपये (25% गिरावट)
ONGC का परिचालन राजस्व बढ़ा
हालांकि, कंपनी का समेकित परिचालन राजस्व वित्त वर्ष 2024-25 की जुलाई-सितंबर तिमाही में 1,58,329 करोड़ रुपये (1.58 लाख करोड़ रुपये) रहा। यह साल-दर-साल 7.25% की वृद्धि है।
📊 पिछले साल की इसी तिमाही में राजस्व – 1,47,614 करोड़ रुपये (1.48 लाख करोड़ रुपये)
ONGC और NTPC का यह अधिग्रहण भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में मजबूती लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।









