ऑनलाइन अश्लील सामग्री पर सरकार की सख्ती, नए आईटी नियम लागू

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डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियंत्रण, साइबर सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन अश्लील सामग्री पर शिकंजा कसने के लिए नए आईटी नियम लागू कर दिए हैं। सरकार का लक्ष्य डिजिटल स्पेस को सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है, जिससे उपयोगकर्ता बिना किसी असुरक्षा के इंटरनेट का उपयोग कर सकें।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि सरकार की नई नीतियां एक खुले, सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह डिजिटल वातावरण को सुनिश्चित करने पर केंद्रित हैं। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम 2000 के तहत अश्लील और यौन सामग्री के प्रकाशन या प्रसारण पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है।

आईटी नियम 2021: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए कड़े दिशा-निर्देश

सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2021 के तहत सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। यदि ये प्लेटफॉर्म्स दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

महत्वपूर्ण नियम:

✅ यदि कोई सामग्री किसी व्यक्ति की निजी गोपनीयता का उल्लंघन करती है, तो उसे 24 घंटे के भीतर हटाना अनिवार्य होगा।
✅ बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को गंभीर अपराधों से जुड़े संदेशों के मूल स्रोत की पहचान करने की क्षमता विकसित करनी होगी।
✅ सरकार ने ग्रीवांस अपीलेट कमेटी (Grievance Appellate Committee) बनाई है, जिससे उपयोगकर्ता सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के फैसलों के खिलाफ अपील कर सकते हैं।

OTT प्लेटफॉर्म्स पर भी नियंत्रण

ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स (OTT) के लिए भी आईटी नियम 2021 के तहत नैतिक संहिता (Code of Ethics) लागू की गई है। इसके तहत:
✔️ कंटेंट को उम्र के अनुसार वर्गीकृत करना अनिवार्य होगा।
✔️ एडल्ट कंटेंट तक बच्चों की पहुंच रोकने के लिए उम्र सत्यापन प्रणाली लागू करनी होगी।
✔️ सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को नियंत्रित करेगा।

साइबर अपराधों से निपटने के लिए सरकार की रणनीति

सरकार ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ साइबर अपराधों को रोकने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। इनमें प्रमुख पहल शामिल हैं:

📌 राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) पर नागरिक साइबर अपराधों की शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
📌 इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की स्थापना साइबर अपराधों से निपटने के लिए की गई है।
📌 बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) को ब्लॉक करने के लिए सरकार ने Interpol और Project Arachnid, Canada की सूची के आधार पर वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाया है।
📌 इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) को जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं और पैरेंटल कंट्रोल फिल्टर के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
📌 CyberDost अभियान के जरिए सोशल मीडिया, रेडियो और स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
📌 अमेरिकी संगठन NCMEC और NCRB के बीच समझौता हुआ है, जिसके तहत बाल यौन शोषण से जुड़ी ऑनलाइन सामग्री पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

सरकार की नई आईटी नीतियों के तहत डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर निगरानी को मजबूत किया गया है। अश्लील और हानिकारक कंटेंट के खिलाफ त्वरित कार्रवाई के लिए कानूनी प्रावधान लागू किए गए हैं। इससे साइबर सुरक्षा को मजबूती मिलेगी और उपयोगकर्ताओं को एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

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