सरकार को असहज कर रहे हैं AI चैटबॉट के जवाब, डेटा सुरक्षा को लेकर भी चिंता
नई दिल्ली। भारत सरकार ने एलन मस्क की कंपनी X (पूर्व में ट्विटर) के AI चैटबॉट Grok AI को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सरकार ने X से स्पष्टीकरण मांगा है कि Grok किन स्रोतों से डेटा लेता है और किस आधार पर जवाब तैयार करता है। यह मामला तब उठा जब ग्रोक ने राजनीतिक और संवेदनशील मुद्दों पर ऐसे जवाब दिए, जो सरकार को असहज कर सकते हैं।
Grok AI के जवाबों पर क्यों मचा बवाल?
सूत्रों के मुताबिक, Grok AI से लगातार ऐसे सवाल पूछे जा रहे हैं, जिनके जवाब सरकार और विपक्ष के लिए असहज करने वाले साबित हो रहे हैं। यह AI न केवल राजनीतिक सवालों के जवाब दे रहा है, बल्कि नेताओं पर व्यंग्य भी कर रहा है। सरकार को आशंका है कि Grok AI भ्रामक या पक्षपाती जानकारी फैलाने का जरिया बन सकता है।
Grok AI क्या है और यह कैसे काम करता है?
Grok AI एक उन्नत भाषा मॉडल (LLM) पर आधारित चैटबॉट है, जो X से सीधे जुड़ा हुआ है। यह OpenAI के ChatGPT और Google Gemini की तरह काम करता है और ट्रेंडिंग डेटा का विश्लेषण कर उपयोगकर्ताओं को उनके सवालों के जवाब देता है। इसकी खासियत यह है कि यह इंटरैक्टिव डायलॉग सिस्टम के जरिए कठिन सवालों के भी जवाब देने में सक्षम है।
भारत में बैन हो सकता है Grok AI?
भारत में Digital Personal Data Protection Act 2023 (DPDP Act 2023) और IT कानूनों के तहत डेटा सुरक्षा और भ्रामक जानकारी को लेकर कड़े नियम लागू हैं। यदि Grok AI को गलत जानकारी फैलाने या संवेदनशील मामलों में गैर-जिम्मेदाराना जवाब देने का दोषी पाया जाता है, तो इसे भारत में बैन किया जा सकता है।
Grok AI के लिए भारतीय बाजार में कितनी चुनौती?
भारतीय यूजर्स पहले से ही ChatGPT और Google Gemini जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में Grok AI को भारत में जगह बनाना मुश्किल हो सकता है। इसके अलावा, सरकार भी सेंसरशिप और भ्रामक जानकारी को लेकर सतर्क है। अगर यह AI किसी भी विवाद में फंसता है, तो भारत में इसकी सेवा पर रोक लग सकती है।









