अवैध गेमिंग कंटेंट और सट्टेबाजी पर कड़ी निगरानी, 1298 वेबसाइटें ब्लॉक
नई दिल्ली। केंद्र सरकार इंटरनेट को खुला, सुरक्षित और जवाबदेह बनाने के प्रयासों को तेज कर रही है। इसी कड़ी में आईटी नियम-2021 में संशोधन कर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े सामाजिक और आर्थिक खतरों को रोकने के लिए सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं।
सरकार की सख्ती: गेमिंग से जुड़े जोखिमों पर नजर
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में कहा कि सरकार ऑनलाइन गेमिंग से उत्पन्न लत, वित्तीय जोखिम और मानसिक प्रभाव को लेकर सतर्क है। आईटी अधिनियम, 2000 के तहत गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू किए गए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग न हो।
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों के लिए कड़े नियम
✅ अवैध कंटेंट पर प्रतिबंध – ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म किसी भी गैरकानूनी, बच्चों के लिए हानिकारक, मनी लॉन्ड्रिंग को बढ़ावा देने वाली या जुए से जुड़ी सामग्री को होस्ट या प्रकाशित नहीं कर सकते।
✅ शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई – किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के खिलाफ शिकायत मिलने पर प्लेटफॉर्म को तुरंत कार्रवाई करनी होगी।
✅ ब्लॉकिंग आदेश का अधिकार – सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, संप्रभुता और विदेशी संबंधों को ध्यान में रखते हुए किसी भी वेबसाइट या लिंक को ब्लॉक कर सकती है।
ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए पर सरकार का कड़ा रुख
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय ने 2022 से 2024 के बीच 1298 ऑनलाइन बेटिंग, जुआ और गेमिंग वेबसाइटों (जिसमें मोबाइल एप्स भी शामिल हैं) को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए हैं।
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने बताया कि ऑनलाइन गेमिंग और आत्महत्या के मामलों से संबंधित कोई विशेष डेटा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, हर साल जारी होने वाली ‘क्राइम इन इंडिया’ रिपोर्ट में अपराधों से जुड़े विस्तृत आंकड़े प्रकाशित किए जाते हैं।









