रायपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
रायपुर। राजधानी रायपुर पुलिस ने ठगी के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में 4 करोड़ रुपये से अधिक नकदी, 17 मोबाइल फोन, नोट के आकार के काले कागज, कांच की प्लेट और कथित केमिकल से जुड़ी अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है।
मामला रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र में 1 करोड़ 13 लाख रुपये की ठगी से जुड़ा है। जांच के दौरान पुलिस को ‘Wash & Wash/Black Currency Scam’ से जुड़े एक संगठित गिरोह का पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने महाराष्ट्र के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
रकम दोगुनी करने का झांसा, केमिकल से नोट बदलने का खेल
पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को उनकी रकम दोगुनी करने और काले कागज जैसे दिखने वाले नकली नोटों को विशेष केमिकल की मदद से असली भारतीय करेंसी में बदलने का झांसा देते थे। कथित तौर पर बड़े होटल और रिसॉर्ट में लोगों को बुलाकर केमिकल का डेमो दिखाया जाता था, जिससे पीड़ितों को इस फर्जीवाड़े पर भरोसा हो जाए।
इसी लालच में रायपुर के एक व्यक्ति से 1.13 करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का आरोप है।

डिजिटल सुरागों से खुलती गई गिरोह की परतें
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए खंडाला के रिसॉर्ट में दबिश दी गई और सात आरोपियों को पकड़ा गया।

देशभर में नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। गिरोह के देशभर में फैले नेटवर्क, संभावित अन्य पीड़ितों और सहयोगियों की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद नकदी और अन्य सामान के स्रोत की भी जांच की जा रही है।
रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि रकम दोगुनी करने, काले धन को सफेद करने या केमिकल से नकली नोट को असली करेंसी में बदलने जैसे किसी भी लालच में न आएं। ऐसे संदिग्ध प्रस्ताव मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
एक झांसा, करोड़ों की ठगी—रायपुर पुलिस की कार्रवाई ने खोला अंतरराज्यीय ठगी के बड़े नेटवर्क का राज।











