त्रिपुरा सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 3% की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में इजाफा होगा, लेकिन सरकार पर सालाना 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ भी बढ़ेगा।
महंगाई भत्ते में इजाफे से कर्मचारियों को राहत
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने घोषणा की कि राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को अप्रैल 2025 से 3% अधिक डीए मिलेगा। इस बढ़ोतरी के बाद राज्य कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 30% से बढ़कर 33% हो जाएगा।
महंगाई भत्ता कर्मचारियों के वेतन का अहम हिस्सा होता है, जो महंगाई के प्रभाव को संतुलित करने के लिए दिया जाता है। सरकार हर छह महीने में इसे बढ़ाने का निर्णय लेती है, जिससे महंगाई का बोझ कम करने में मदद मिलती है।
सरकार पर पड़ेगा वित्तीय भार
त्रिपुरा सरकार के इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारियों को लाभ होगा, लेकिन इसके चलते सरकारी खजाने पर सालाना 300 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार आएगा। हालांकि, कर्मचारियों और पेंशनर्स को इससे आर्थिक राहत मिलेगी।
डीए बढ़ोतरी का असर सैलरी पर
सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों की सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर, जिनकी न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, उन्हें हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
केंद्र सरकार के बराबर लाने की कोशिश
मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार के कर्मचारियों के समान डीए देने का प्रयास कर रही है। फिलहाल, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 53% महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि त्रिपुरा सरकार के कर्मचारियों को यह अब 33% मिलेगा।
जल्द हो सकती है केंद्रीय कर्मचारियों के डीए में बढ़ोतरी
केंद्र सरकार ने अब तक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए में बढ़ोतरी की घोषणा नहीं की है। हालांकि, उम्मीद की जा रही है कि जनवरी-जून की छमाही के लिए केंद्र सरकार भी जल्द ही 2-3% डीए बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।









