बलरामपुर। तेज गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतने की अपील की है। राज्य शासन के निर्देशानुसार लू से बचाव और प्रबंधन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कलेक्टर राजेंद्र कटारान ने आम जनता से लू के लक्षणों की पहचान करने और समय पर उपचार कराने की सलाह दी है, ताकि गंभीर स्थिति को टाला जा सके।
लू के प्रमुख लक्षण:
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बसंत कुमार सिंह ने बताया कि लू लगने पर व्यक्ति को सिरदर्द, तेज बुखार, चक्कर, उल्टी, कमजोरी, शरीर में दर्द, अत्यधिक प्यास लगना, पेशाब कम आना, भूख में कमी और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर यदि शरीर का तापमान बढ़ जाए लेकिन पसीना न आए, तो यह लू का स्पष्ट संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
लू से बचाव के लिए क्या करें?
- अनावश्यक रूप से धूप में बाहर जाने से बचें।
- बाहर निकलते समय सिर और कान को कपड़े से ढकें।
- दिनभर में अधिक मात्रा में पानी पिएं।
- हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनें।
- अधिक पसीना आने पर ओआरएस घोल या नींबू-पानी पिएं।
- चक्कर या कमजोरी महसूस हो तो छायादार स्थान पर आराम करें और शीतल पेय पदार्थ लें।
प्राथमिक उपचार:
अगर कोई व्यक्ति लू की चपेट में आ जाए तो उसे तुरंत ठंडी जगह पर लिटाएं, सिर पर ठंडे पानी की पट्टी रखें और अधिक से अधिक पानी पिलाएं। स्थिति बिगड़ने पर तुरंत स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं।
स्वास्थ्य विभाग ने जनता से अपील की है कि लू से बचाव के उपाय अपनाएं और किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में निशुल्क परामर्श लें।










