रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के 12वें दिन भारतमाला परियोजना में गड़बड़ी को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने सरकार पर जवाब न देने का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट जाने का ऐलान किया और वॉकआउट कर दिया।
भारतमाला परियोजना पर सदन में गरमाया माहौल
सत्र के दौरान विधायक अनुज शर्मा ने ई-वे बिल जांच के नाम पर अवैध वसूली का मुद्दा उठाया, जबकि विधायक ओंकार साहू ने धमतरी जिले में अवैध प्लॉटिंग पर सवाल खड़े किए। विपक्ष ने सीबीआई जांच की मांग की, लेकिन सत्ता पक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बयान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार किसी भी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करेगी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने सीबीआई को राज्य में प्रतिबंधित कर दिया था, जिससे पारदर्शी जांच बाधित हुई।
नेता प्रतिपक्ष ने की सीबीआई जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि भारतमाला परियोजना और अवैध प्लॉटिंग के मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने सीबीआई जांच की मांग को दोहराते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार जांच को प्रभावित कर रही है।
फर्जी नामांतरण से शासन को करोड़ों का नुकसान
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने बताया कि जांच में फर्जी नामांतरण से शासन को भारी नुकसान हुआ है। इस मामले में नायब तहसीलदार और 3 पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि तत्कालीन तहसीलदार अभनपुर पर भी कार्रवाई की जाएगी।
विपक्ष ने किया वॉकआउट, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
जब सरकार ने सीबीआई जांच से इनकार किया, तो विपक्षी दलों ने सरकार पर जवाब टालने का आरोप लगाया और सदन से वॉकआउट कर दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि अब यह मामला हाईकोर्ट तक जाएगा और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की जाएगी।
👉 इस मुद्दे पर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ती तकरार से आने वाले दिनों में विधानसभा में और अधिक तीखी बहस होने की संभावना है।









