रायपुर: छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को जिला और जनपदों में अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने चुनाव की तारीख में बदलाव और भाजपा पर पक्षपात के आरोप लगाए। जब सरकार की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला तो नाराज विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।
भूपेश बघेल समेत कांग्रेस विधायकों ने लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, उमेश पटेल और अनिल भेड़िया ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि जहां कांग्रेस समर्थक सदस्यों की संख्या अधिक है, वहां चुनाव रद्द कर दिए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सदस्यों की खरीद-फरोख्त की साजिश रची जा रही है। कांग्रेस विधायकों ने मंत्री से जवाब देने की मांग की, लेकिन जब कोई ठोस जवाब नहीं मिला, तो विपक्ष ने विरोधस्वरूप सदन से बाहर जाने का फैसला किया।
विपक्ष को मनाने पहुंचे ओपी चौधरी और अजय चंद्राकर
विपक्षी विधायक वॉकआउट के बाद नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के कक्ष में चले गए। इसके बाद वित्त मंत्री ओपी चौधरी और विधायक अजय चंद्राकर उन्हें मनाने पहुंचे। सरकार की ओर से समझाइश के बाद कांग्रेस विधायकों ने दोबारा सदन में लौटने का फैसला किया और कार्यवाही में शामिल हुए।
सदन में गूंजे अहम मुद्दे
गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। इनमें दिल्ली-मुंबई में इन्वेस्टर मीट, राजनांदगांव में मल्टी विलेज वाटर सप्लाई प्रोजेक्ट और अकलतरा नगर पंचायत में गौण खनिज राजस्व से किए गए कार्य प्रमुख रूप से शामिल थे। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच इन मुद्दों को लेकर तीखी बहस भी देखने को मिली।










