बिलासपुर विशेष रिपोर्ट।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित बिलासपुर के नोडल अधिकारी श्री अश्विनी पाण्डेय के खिलाफ एक लिखित शिकायत में भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी, धान खरीदी प्रभारी बनाने के नाम पर पैसे मांगने, सेवा खातों में अनियमित राशि आहरण तथा नियुक्तियों में नियमों के उल्लंघन जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता ने तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, बिलासपुर में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों ने बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बैंक अध्यक्ष को सौंपे गए एक आवेदन में शिकायतकर्ता शिवराज निषाद ने नोडल अधिकारी अश्विनी पाण्डेय पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, उमरा और चंद्रपुर शाखा को जानबूझकर निशाने पर रखकर भ्रष्टाचार किया गया। आवेदन में कहा गया है कि शाखा की आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई कि कर्मचारियों का वेतन निकालना भी मुश्किल हो गया। साथ ही सेवा खातों से अन्य मदों में अधिक राशि आहरित किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिनका न तो बिल उपलब्ध है और न ही पावती।
रिश्वत लेकर नौकरी नियमित करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि वर्ष 2021 में नौकरी नियमित करने के नाम पर 5 लाख रुपये नकद लिए गए थे। आरोप है कि पैसा लेने के बाद न तो नौकरी नियमित की गई और न ही राशि वापस की गई। पैसा मांगने पर नौकरी से निकालने की धमकी दिए जाने की भी बात आवेदन में लिखी गई है।

धान खरीदी प्रभारी बनाने के लिए पैसों की मांग
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि धान खरीदी प्रभारी बनाने के लिए 5 लाख रुपये की मांग की गई थी। रकम नहीं देने पर शिकायतकर्ता को प्रभारी नहीं बनाया गया और किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंप दी गई।

नियुक्तियों में नियमों के उल्लंघन का आरोप
शिकायतकर्ता ने उमरा और चंद्रपुर शाखा में सेवा नियम संशोधन 2018 के बाद हुई सभी नियुक्तियों की जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि कई नियुक्तियां नियमों के विपरीत की गईं।
जांच के लिए मांगे गए प्रमुख बिंदु
नोडल अधिकारी, उनके ड्राइवर और रामायण दास महंत के बैंक खातों की जांच
वर्ष 2025-26 की धान खरीदी में नियुक्त प्रभारियों की जांच
उमरा एवं चंद्रपुर शाखा के सेवा खातों और प्रोत्साहन राशि की जांच
2018 के बाद हुई सभी नियुक्तियों की वैधानिक जांच
सीसीटीवी फुटेज की जांच
शिकायतकर्ता ने जताई सुरक्षा की चिंता
आवेदन में शिकायतकर्ता ने यह आशंका भी जताई है कि शिकायत करने के कारण उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाया जा सकता है या दबाव बनाया जा सकता है। उन्होंने निष्पक्ष जांच और सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
कार्रवाई की मांग
शिकायत के अंत में बैंक अध्यक्ष से मांग की गई है कि मामले की तत्काल उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल बैंक प्रबंधन की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।









