रिश्तेदारों ने ही रची थी निर्मम हत्या की साजिश, तांत्रिक अनुष्ठान के लिए ली गई जान
मुंगेली। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 7 साल की मासूम बच्ची की तंत्र-मंत्र के नाम पर बलि दे दी गई। लोरमी के कोसाबाड़ी इलाके की लाली नामक बच्ची की हत्या के इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने करीब तीन महीने की जांच के बाद बड़ा खुलासा करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें बच्ची का चचेरा भाई, भाभी और एक तांत्रिक भी शामिल हैं।
हत्या की खौफनाक साजिश
एसपी भोजराम पटेल के अनुसार, आरोपियों ने तांत्रिक अनुष्ठान ‘झरन पूजा’ के जरिए धन और सिद्धि प्राप्त करने की लालसा में इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया। 12 अप्रैल की रात बच्ची के लापता होने की रिपोर्ट मां पुष्पा ने दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच अपहरण के एंगल से हुई, लेकिन सुराग नहीं मिला। 6 मई को श्मशान घाट के पास कुछ अस्थियाँ बरामद हुईं, जो डीएनए जांच में लाली की ही निकलीं। शरीर पर चोटों के निशान से हत्या की पुष्टि हुई।
ऐसे खुली वारदात की परतें
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 8 टीमों का गठन किया और संदेह के आधार पर परिजनों से पूछताछ की। एक ग्रामीण ने घटना की रात बच्ची को एक महिला और पुरुष के साथ श्मशान घाट की ओर जाते देखा था, जिससे जांच की दिशा स्पष्ट हुई। आरोपियों से नार्को और ब्रेन मैपिंग टेस्ट के बाद पूरा सच सामने आ गया।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
चिम्मन गिरी गोस्वामी (40): पूजा के लिए सामग्री जुटाई
ऋतु गोस्वामी (36): हत्या की मुख्य साजिशकर्ता, बच्ची को लाने का आदेश दिया
नरेंद्र मार्को (21): बच्ची को बहला-फुसलाकर लाया
रामरतन निषाद (45): तांत्रिक विधियों का जानकार
आकाश मरावी (21): शव को दफनाने में मदद की
जांच में यह भी सामने आया कि ऋतु गोस्वामी पर कई संस्थाओं का कर्ज था और वह ‘झरन पूजा’ के जरिए धन प्राप्ति की उम्मीद में इस खौफनाक तंत्र में शामिल हुई।
गांव में पसरा मातम और खौफ
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे कोसाबाड़ी गांव में मातम और भय का माहौल है। ग्रामीणों को यकीन नहीं हो रहा कि रिश्तेदारी की आड़ में इतनी निर्दयता छिपी हो सकती है। पुलिस अब सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है और जल्द चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है।








