जर्मनी के वुएर्सेलेन (Wuerselen) शहर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पुरुष नर्स ने अपने ही मरीजों की हत्या कर दी। आरोपी नर्स ने उम्रदराज मरीजों की देखभाल के दौरान 10 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। इतना ही नहीं, उसके निशाने पर 27 और मरीज थे, जिन्हें वह धीरे-धीरे खत्म करने की योजना बना चुका था। अदालत ने इस मामले को ‘विशेष रूप से गंभीर अपराध’ की श्रेणी में रखते हुए नर्स को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
रात की शिफ्ट में देता था इंजेक्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपी नर्स रात की शिफ्ट में काम करता था और बुजुर्ग मरीजों की देखभाल उसकी जिम्मेदारी थी। कार्यभार और तनाव से परेशान होकर आरोपी ने दिसंबर 2023 से मौत का यह सिलसिला शुरू किया। वह मरीजों को मॉर्फ़ीन या तेज़ असर वाले शामक इंजेक्शन देता था, जिससे मरीज धीरे-धीरे दम तोड़ देते थे।
मुकदमे में नहीं मिली सहानुभूति हालांकि आरोपी खुद भी तनावग्रस्त बताया गया, लेकिन मृतकों के परिजनों ने कोर्ट से अपील की कि उसके साथ किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाए। उनका कहना है कि वह एक प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी था, उसे पता था कि वह क्या कर रहा है।
फिर से हो सकता है पोस्टमार्टम, नया मुकदमा भी संभव मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो मृतक मरीजों के शवों को दोबारा ताबूतों से निकालकर पोस्टमार्टम किया जा सकता है, ताकि और सबूत जुटाए जा सकें। यदि जांच में नई जानकारियाँ मिलती हैं, तो आरोपी नर्स पर एक और मुकदमा चलाया जा सकता है।
क्या होगा आगे? जर्मन कानून के अनुसार, आजीवन कारावास पाने वाले अपराधी की रिहाई पर विचार सिर्फ 15 साल बाद किया जाता है। हालांकि, अदालत के स्पष्ट शब्दों में कहा गया है कि यह अपराध “अत्यंत गंभीर” है, इसलिए जल्द रिहाई की संभावना लगभग नामुमकिन है। वहीं, आरोपी के पास फैसले के खिलाफ अपील का विकल्प खुला है।









