सोनभद्र के ओबरा क्षेत्र स्थित बिल्ली मारकुंडी की मेसर्स श्री कृष्णा माइनिंग वर्क्स की पत्थर खदान में हुए भीषण हादसे में रेस्क्यू टीम ने सोमवार को मलबे से छह और शव बरामद किए। इस तरह दुर्घटना में अब तक कुल सात मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है।
शनिवार दोपहर ड्रिलिंग के दौरान भारी चट्टान अचानक धंसक गई थी, जिससे करीब 15 मजदूर मलबे में दब गए थे। घटना के तुरंत बाद पुलिस-प्रशासन की निगरानी में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत-बचाव कार्य में जुट गईं। पिछले 48 घंटे से लगातार चल रहे अभियान के दौरान सोमवार सुबह तक चार शव निकाले गए, जबकि शाम करीब आठ बजे दो और शव बरामद हुए।
मरने वालों में पनारी गांव के करमसार टोला निवासी दो सगे भाई—इंद्रजीत यादव (32) और संतोष यादव (30)—शामिल हैं। इसके अलावा कोन के पिपरखाड़ गांव निवासी रविंद्र उर्फ नानक, खड़री टोला पनारी के रामखेलावन (40) तथा ग्राम परसोई के टोला जकहवा निवासी गुलाब उर्फ मुंशी की भी मौत हो गई। छठे शव की पहचान अभी नहीं हो पाई है।
जिला प्रशासन का कहना है कि जब तक यह पूरी तरह सुनिश्चित न हो जाए कि मलबे में कोई और मजदूर फंसा नहीं है, तब तक राहत-बचाव अभियान जारी रहेगा।










