दिल्ली के लाल किले के पास हुए ब्लास्ट मामले में जांच एजेंसियों को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला है। जानकारी के अनुसार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को ऑपरेट करने वाले अबु उकासा ने ही मुख्य आरोपी उमर उन नबी को कट्टरपंथ की राह पर धकेला था। बताया जा रहा है कि उमर वर्ष 2022 में तुर्किए गया था, जहां उसकी मुलाकात अबु उकासा से हुई थी और वहीं से उसके आतंकी बनने की शुरुआत हुई।
सूत्रों के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद नहीं चाहता था कि हमले के तार पाकिस्तान से जुड़ें, इसलिए पूरा ऑपरेशन तुर्किए से संचालित किया गया। अबु उकासा ने उमर को इस कदर ब्रेनवॉश कर दिया था कि वह कट्टर विचारधारा से भर चुका था और देश व समाज के खिलाफ जहर उगलने लगा था।
जांच अब मुंबई तक पहुंच चुकी है। मुंबई पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए शहर के तीन अलग-अलग स्थानों से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। बताया जा रहा है कि ये संदिग्ध सोशल मीडिया और एक विशेष एप्लिकेशन के जरिए आरोपियों के संपर्क में थे। तीनों उच्च शिक्षा प्राप्त हैं और संपन्न परिवारों से आते हैं।
सूत्रों का कहना है कि इन संदिग्धों को पूछताछ के लिए दिल्ली लाया गया है। इसके साथ ही राज्य के कई अन्य जिलों में भी छापेमारी और पूछताछ जारी है। एजेंसियां आरोपियों के नेटवर्क और तुर्किए लिंक की गहराई से जांच कर रही हैं।










