मंगलवार सुबह दिल्ली में आतंकी बम धमकी के ईमेल मिलने से अफरा-तफरी मच गई। राजधानी की चार प्रमुख अदालतों—साकेत, द्वारका, पटियाला हाउस और रोहिणी—के साथ ही दो सीआरपीएफ स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। संदेश मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं और सभी स्थानों को तत्काल खाली कराते हुए तलाशी अभियान शुरू किया गया। कई घंटे की व्यापक जांच के बाद यह पुष्टि हुई कि सभी धमकियां फर्जी थीं।
अदालत परिसरों में हड़कंप, कार्यवाही रोककर खाली कराया गया परिसर
धमकी मिलते ही चारों अदालतों में न्यायिक प्रक्रिया तुरंत रोक दी गई। जज, अधिवक्ता, कर्मचारी और पक्षकारों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। पटियाला हाउस कोर्ट में उस समय सुरक्षा और बढ़ा दी गई, क्योंकि यहां एनआईए द्वारा आरोपी जसीर बिलाल उर्फ दानिश की पेशी निर्धारित थी।
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की टीमों ने साकेत, रोहिणी, द्वारका और पटियाला हाउस अदालतों में कई चरणों में तलाशी की। साकेत बार एसोसिएशन ने अधिवक्ताओं को सूचित किया कि सुरक्षा कारणों से अदालत को लगभग दो घंटे के लिए बंद रखा गया।
दिल्ली में पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
यह पहली बार नहीं है जब दिल्ली की अदालतों को धमकी भरे ईमेल भेजे गए हों। सितंबर में दिल्ली हाईकोर्ट को भी इसी तरह का धमकी भरा मेल मिला था, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे परिसर को घंटों तक खाली कराकर जांच की थी। बढ़ती इन घटनाओं ने न्यायिक परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था पर चिंता बढ़ा दी है।
दो सीआरपीएफ स्कूल भी बने निशाना
इसी दौरान सुबह लगभग 9 बजे प्रशांत विहार और द्वारका स्थित दो सीआरपीएफ स्कूलों को भी बम धमकी वाला ईमेल मिला। स्कूल प्रशासन ने तत्काल बच्चों और स्टाफ को सुरक्षित बाहर निकाला। तलाशी के बाद पुलिस ने बताया कि किसी भी स्कूल में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और इसे “होक्स ईमेल” घोषित किया गया।
दिल्ली पुलिस ने बढ़ाई सुरक्षा, साइबर जांच शुरू
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सभी ईमेल की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। साइबर विशेषज्ञ ईमेल भेजने वाले की पहचान का पता लगाने में जुटे हैं। एहतियातन अदालत परिसरों और स्कूलों के आसपास सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।










