एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में वांछित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को 11 दिन की NIA रिमांड पर भेज दिया। अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के कुछ घंटे बाद ही उसे अदालत में पेश किया गया, जहाँ राष्ट्रीय जाँच एजेंसी ने उसके अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और गिरोह की गतिविधियों की गहन जांच के लिए हिरासत की मांग की।
NIA ने अदालत को बताया कि अनमोल बिश्नोई, जो कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के सिंडिकेट का अहम हिस्सा है, कई राज्यों में 31 मामलों में वांछित था और 2022 से फरार चल रहा था। एजेंसी के मुताबिक, संगठित अपराध, जबरन वसूली और विदेशों में फैले नेटवर्क की कड़ियों का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ बेहद जरूरी है।
विशेष लोक अभियोजक राहुल त्यागी ने अदालत के समक्ष दलील दी कि बिश्नोई का बयान गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में अहम जानकारी दे सकता है, साथ ही यह भी पता चल सकेगा कि धन का प्रवाह किन स्रोतों से हो रहा था। एजेंसी का कहना है कि उसके खुलासों से आतंकवादी–गैंगस्टर गठजोड़ का बड़ा ढांचा सामने आने की उम्मीद है।
गुरुवार तड़के अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से दिल्ली लाया गया। IGI एयरपोर्ट पर उतरने के बाद उसे औपचारिक रूप से NIA को सौंपा गया। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कई वर्षों से अमेरिका और कनाडा के बीच यात्रा करता रहा था और वहीं से अपराध जगत की गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
अनमोल की गिरफ्तारी के साथ लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े मामलों में पकड़े गए आरोपियों की संख्या अब 19 हो गई है। NIA अगले दस दिनों में गिरोह के विदेशों तक फैले संचालन के बारे में महत्वपूर्ण सुराग हासिल करने की उम्मीद कर रही है।










