रायगढ़ में 4 से 6 सितंबर तक गूंजेगा ‘हरे कृष्ण-हरे राम’ का महामंत्र, जन्माष्टमी महामहोत्सव में उमड़ेंगे 10 हजार से अधिक श्रद्धालु

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रायगढ़। विशेष रिपोर्ट।

 

 

 

रायगढ़, 20 अगस्त 2026। भगवान श्रीकृष्ण के पावन प्राकट्य दिवस को लेकर रायगढ़ एक बार फिर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर होने जा रहा है। इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ द्वारा 4 से 6 सितंबर तक तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन, भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन, पूजा-अर्चना और विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों से शहर कृष्णमय नजर आएगा।

आयोजकों के मुताबिक, पिछले वर्ष करीब 10 हजार श्रद्धालु जन्माष्टमी उत्सव में शामिल हुए थे। इस बार भक्तों की बढ़ती आस्था और उत्साह को देखते हुए आयोजन को और व्यापक स्वरूप दिया गया है। 6 सितंबर के मुख्य सार्वजनिक कार्यक्रम में 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई गई है।

ओडिशा समेत कई राज्यों से पहुंचेंगे भक्त

इस वर्ष ओडिशा से भक्तों की विशेष मंडली रायगढ़ पहुंचेगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों और देश के अलग-अलग राज्यों से भी कृष्ण भावनामृत आंदोलन से जुड़े भक्तों के शामिल होने की संभावना है। इस्कॉन के ब्रह्मचारी एवं दीक्षित भक्तों की मौजूदगी में हरिनाम संकीर्तन, पूजा-पाठ और आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

महामहोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए पल्लवी महल स्थित इस्कॉन प्रचार केंद्र में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इसमें आयोजन की व्यवस्थाओं, श्रद्धालुओं की सहभागिता, बाहर से आने वाले भक्तों एवं अतिथियों के स्वागत तथा कार्यक्रमों को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने को लेकर जिम्मेदारियां तय की गईं।

4 सितंबर से शुरू होगा भक्ति का महापर्व

महामहोत्सव का शुभारंभ 4 सितंबर को होगा। सुबह 10 बजे से भक्तों और बच्चों के लिए चित्रकला, रंगोली, निबंध, प्रश्नोत्तरी और क्राफ्ट सहित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रतियोगिताएं निःशुल्क रहेंगी और प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।

शाम 5 बजे से इस्कॉन प्रचार केंद्र, जगन्नाथ मंदिर के पास, पल्लवी महल, राजा पारा, रायगढ़ में जन्माष्टमी का भव्य आयोजन होगा। भजन, संकीर्तन, पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के बीच भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव मनाया जाएगा।

5 सितंबर को नंद उत्सव और व्यास पूजा

5 सितंबर को शाम 4 बजे इस्कॉन प्रचार केंद्र में नंद उत्सव एवं इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद जी का व्यास पूजा महोत्सव आयोजित होगा। इस अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की खुशी नंदोत्सव के रूप में मनाने के साथ श्रील प्रभुपाद जी के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता अर्पित की जाएगी।

6 सितंबर को मुख्य कार्यक्रम, उमड़ेगा भक्तों का सैलाब

महामहोत्सव का सबसे बड़ा सार्वजनिक कार्यक्रम 6 सितंबर को अंश इंटरनेशनल होटल, रायगढ़ में होगा। कार्यक्रम दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। आयोजकों को इस दिन 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।

कार्यक्रम में बाल महोत्सव, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, नाट्य मंचन, पुरस्कार वितरण, भजन संध्या और हरिनाम संकीर्तन सहित अनेक आयोजन होंगे। भगवान श्रीकृष्ण का विशेष महाभिषेक एवं महाआरती भी की जाएगी। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था रहेगी।

हजारों भक्तों के एक साथ ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ महामंत्र का संकीर्तन करने से रायगढ़ का वातावरण भक्तिरस में डूबने का अनुपम दृश्य देखने को मिलेगा।

संस्कृति, संस्कार और भक्ति का संगम

इस्कॉन प्रचार केंद्र रायगढ़ के प्रभारी एवं इस्कॉन रायपुर के मुख्य पुजारी मिथिलापति प्रभु जी ने कहा कि यह आयोजन केवल जन्माष्टमी पर्व तक सीमित नहीं है, बल्कि सनातन संस्कृति, भक्ति और संस्कारों को नई पीढ़ी से जोड़ने का प्रयास है। बच्चों, युवाओं और परिवारों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव प्रेम, भक्ति, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। इसी भावना के साथ इस वर्ष रायगढ़ को कृष्ण भक्ति से सराबोर करने की तैयारी की गई है।

इस्कॉन प्रचार केंद्र ने रायगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालुओं से परिवार सहित तीनों दिन के कार्यक्रमों में शामिल होने और श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के इस भव्य आयोजन का सहभागी बनने की अपील की है।

 

 

 

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