जांजगीर में 2 सितंबर को दिखेगा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का भव्य रंग

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‘जबर पोरा रैली अऊ कमरछठ तिहार’ में जुटेगा जनसैलाब, लोकनृत्य, सांस्कृतिक झांकियां और विशाल सामूहिक कमरछठ पूजा बनेगी आकर्षण का केंद्र

 

जांजगीर। छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और लोकपरंपराओं की जीवंत झलक आगामी 2 सितंबर 2026, बुधवार को जांजगीर में देखने को मिलेगी। छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के तत्वावधान में ‘जबर पोरा रैली अऊ कमरछठ तिहार’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं और बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

 

यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोककलाओं और सामाजिक एकजुटता को समर्पित होगा। कार्यक्रम में प्रदेश के अलग-अलग अंचलों की विशिष्ट सांस्कृतिक परंपराएं एक ही मंच पर दिखाई देंगी, जिससे जांजगीर में छत्तीसगढ़ की विविधता और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा रंग देखने को मिलेगा।

लोकनृत्यों और लोककलाओं से सजेगा आयोजन

 

‘जबर पोरा रैली’ में छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों के पारंपरिक लोकनृत्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। बस्तर का धुरवा एवं मांदरी नाचा, सरगुजा का रेला पाटा, कांकेर का गेड़ी नाचा सहित पंथी, सुवा, कर्मा और राउत नाचा की प्रस्तुतियां दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति से रूबरू कराएंगी।

इन प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदेश की अलग-अलग लोकपरंपराओं, वेशभूषा, संगीत और लोकजीवन की खूबसूरत तस्वीर सामने आएगी।

 

‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की भव्य झांकी रहेगी खास आकर्षण

 

कार्यक्रम में ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की भव्य झांकी भी निकाली जाएगी। झांकी के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा, लोकजीवन और गौरवशाली विरासत को प्रदर्शित किया जाएगा।

आयोजन को लेकर लोगों में उत्साह का माहौल है। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।

 

हजारों माताएं करेंगी सामूहिक कमरछठ पूजा

 

कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक एवं पारंपरिक आकर्षण विशाल सामूहिक कमरछठ पूजा होगी। इसमें हजारों माताएं अपने संतानों की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना को लेकर सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना करेंगी।

कमरछठ तिहार छत्तीसगढ़ की पारंपरिक आस्था और मातृशक्ति से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। ऐसे में हजारों महिलाओं की सामूहिक भागीदारी इस आयोजन को विशेष भव्यता प्रदान करेगी।

 

सपरिवार शामिल होने की अपील

 

छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना की ओर से प्रदेशवासियों एवं क्षेत्र के लोगों को सपरिवार आयोजन में शामिल होने का सादर निमंत्रण दिया गया है। आमंत्रण में लोगों से अपील की गई है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और भाईचारे के इस उत्सव का हिस्सा बनें तथा अपने परिचितों और संगवारी साथियों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित करें।

आयोजकों ने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति केवल हमारी पहचान नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता और गौरव है। इसे सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

 

कार्यक्रम की प्रमुख जानकारी

  दिन: 2 सितंबर 2026, बुधवार

  समय: प्रातः 10 बजे से

  स्थान: हॉकी मैदान, जांजगीर-नैला से हाई स्कूल     मैदान  तक

 

  आयोजक: छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना

  मुख्य आकर्षण: जबर पोरा रैली, लोकनृत्य, पारंपरिक   सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, ‘छत्तीसगढ़ महतारी’ की भव्य   झांकी और विशाल सामूहिक कमरछठ पूजा।

 

जांजगीर में 2 सितंबर को होने वाला यह आयोजन निश्चित रूप से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति, परंपरा और मातृशक्ति का भव्य संगम बनने जा रहा है।

 

 

 

 

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