शिक्षा के साथ संस्कार की अलख: इंडियन पब्लिक स्कूल में भक्तिमय माहौल में बप्पा को दी भावभीनी विदाई

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कोरबा/पाली। विशेष रिपोर्ट।

 

 

विद्यार्थियों ने ढोल-नगाड़ों के साथ लगाए ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे, ज्ञान-बुद्धि के दाता से विद्यालय एवं विद्यार्थियों की सुख-समृद्धि की कामना

 

कोरबा/पाली। शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़कर ही विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करती है। इसी संदेश को आत्मसात करते हुए इंडियन पब्लिक स्कूल, पाली में आयोजित गणेशोत्सव का समापन श्रद्धा, भक्ति और उल्लास से भरे वातावरण में हुआ। विद्यालय परिवार ने विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का भावपूर्ण विसर्जन किया।

विद्यालय में प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की गई थी। भगवान श्री गणेश के आगमन के साथ ही विद्यालय परिसर में कई दिनों तक भक्तिमय वातावरण बना रहा। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने नियमित रूप से पूजा-अर्चना और आरती में सहभागिता निभाई तथा ज्ञान, बुद्धि, विवेक, सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य के लिए गणपति बप्पा से प्रार्थना की।

गणेशोत्सव के समापन अवसर पर प्रतिमा विसर्जन से पूर्व विद्यालय परिसर में विधि-विधान से अंतिम पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद छात्र-छात्राएं और शिक्षकगण ढोल-नगाड़ों के साथ उत्साहपूर्वक विसर्जन यात्रा में शामिल हुए। इस दौरान पूरा वातावरण “गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ” के जयघोष से गूंज उठा।

विसर्जन यात्रा नगर के हृदयस्थल नौकोनिया तालाब पहुंची, जहां श्रद्धा और आस्था के बीच भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। बप्पा को विदाई देते समय विद्यार्थियों के चेहरों पर उत्साह के साथ भावुकता भी साफ नजर आई। छोटे-छोटे बच्चों से लेकर शिक्षकगण तक सभी गणपति की भक्ति में पूरी तरह डूबे नजर आए।

‘भारतीय संस्कृति और संस्कारों की पाठशाला है विद्यालय’

इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर राकेश मिश्रा ने कहा कि इंडियन पब्लिक स्कूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों से भी जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री गणेश ज्ञान, बुद्धि, शुभ और लाभ के प्रतीक हैं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय चाहता है कि विद्यार्थी आधुनिक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ अपनी संस्कृति और जड़ों से भी जुड़े रहें। ऐसे धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों से विद्यार्थियों में एकता, अनुशासन, सहयोग, आपसी सद्भाव और भारतीय परंपराओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है। यही मूल्य उनके व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

गणेशोत्सव के सफल आयोजन में विद्यालय के एडमिनिस्ट्रेटर कुणाल महापात्रा, प्रिंसिपल संतोष देवनाथ सहित शिक्षिकाओं चित्रलेखा चौबे, साक्षी जायसवाल, अंजू पटेल, ममता जगत और अनामिका देवनाथ समेत पूरे विद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विद्यालय प्रबंधन ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही भगवान श्री गणेश से विद्यालय के सभी विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान, सफलता, सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद बनाए रखने की कामना की।

 

 

 

 

 

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