बिलासपुर। स्वराज जयसवाल विशेष रिपोर्ट।
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में 28 और 29 अक्टूबर को तेज हवाओं और संभावित तूफान की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है। मौसम की चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को राहत एवं बचाव कार्यों की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।

जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त रखी जाएं। अस्पतालों, कंट्रोल रूम और आपदा प्रबंधन टीमों को 24 घंटे सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों तक तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
कमजोर पेड़ों और होर्डिंग पर रहेगी विशेष नजर
संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा कमजोर पेड़ों, जर्जर होर्डिंग और अन्य जोखिम वाले स्थानों पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, होर्डिंग क्षतिग्रस्त होने और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन एहतियाती तैयारियों पर जोर दे रहा है।

प्रशासन की अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम में बदलाव को गंभीरता से लें और सावधानी बरतें। तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग के नीचे खड़े होने से बचें। अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से परहेज करें तथा मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
अगले दो दिन बिलासपुर जिले के लिए सतर्कता के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। किसी भी आपात स्थिति में घबराने के बजाय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और अपनी तथा अपने परिवार की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।








