बिलासपुर। विशेष रिपोर्ट।
माल्यार्पण, दीप प्रज्ज्वलन और राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ के सामूहिक गायन से गूंजा समारोह, प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और विकास की कामना के साथ संस्कृति एवं परंपरा संरक्षण का लिया संकल्प
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के पावन अवसर पर भोजली महोत्सव समिति, तोरवा बिलासपुर द्वारा कलेक्टर कार्यालय परिसर के समीप स्थापित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धा, सम्मान और गौरवपूर्ण वातावरण में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया तथा प्रदेश के प्रति अपनी आस्था, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के गौरव, अस्मिता और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार, महानदी हे अपार…’ का सामूहिक गायन किया गया। राज्यगीत की गूंज के बीच उपस्थित सदस्यों ने छत्तीसगढ़ महतारी को नमन करते हुए प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली, शांति और निरंतर विकास की मंगलकामना की।
समारोह का वातावरण छत्तीसगढ़ की माटी के प्रति प्रेम, सम्मान और गौरव की भावना से ओतप्रोत रहा। समिति के सदस्यों ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि अपनी मातृभूमि, संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक जिम्मेदारियों को याद करने का महत्वपूर्ण दिन है। यह दिवस हमें छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत को संजोने, प्रदेश की एकता को मजबूत बनाने और आने वाली पीढ़ियों तक अपनी सांस्कृतिक पहचान पहुंचाने की प्रेरणा देता है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और एकता को बनाए रखने का संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, पारंपरिक रीति-रिवाजों, लोकगीतों, लोककलाओं और गौरवशाली इतिहास के संरक्षण एवं संवर्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सरलता, सहजता, भाईचारे, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता के लिए विशेष पहचान रखता है। प्रदेश की इस विशिष्ट पहचान को बनाए रखना हम सभी का सामूहिक दायित्व है।
समिति के सदस्यों ने छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास, किसानों की खुशहाली, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और समाज के प्रत्येक वर्ग की उन्नति की कामना की। साथ ही सामाजिक समरसता, आपसी सहयोग और एकजुटता के माध्यम से छत्तीसगढ़ को प्रगति के नए शिखर तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य रहे उपस्थित
इस गरिमामय कार्यक्रम में भोजली महोत्सव समिति के अध्यक्ष शंकर यादव, संयोजक गंगेश्वर सिंह उइके, संरक्षक चंदन यादव, सलाहकार प्रवीण तरुण, बृजभूषण सरवन, नन्दकिशोर यादव, सुनील भोई, संजय ठाकुर, सुरेश दास मानिकपुरी, गोपाल यादव, पवन यादव सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
समिति के सदस्यों ने राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए छत्तीसगढ़ महतारी के आशीर्वाद से प्रदेश के निरंतर विकास, खुशहाली और समृद्धि की कामना की।
छत्तीसगढ़ महतारी की जय!
जय छत्तीसगढ़! जय जोहार!
भवदीय — शंकर यादव
अध्यक्ष, भोजली महोत्सव समिति
तोरवा, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)









