दिल्ली ने 11वें ओवर में रिव्यू गंवाया जब सूर्यकुमार को अक्षर की गेंद पर पगबाधा की अपील पर अंपायर ने नॉट आउट करार दिया । विकेटकीपर राहुल के जोर देने पर कप्तान अक्षर ने रिव्यू लिया लेकिन रिप्ले में जाहिर था कि गेंद पैड से लगकर लेग स्टम्प के बाहर से गई थी ।
सूर्यकुमार ने निगम को 13वें ओवर में स्क्वेयर लेग पर दर्शनीय छक्का लगाया । इसी ओवर में तिलक को जीवनदान मिला जब उनके ऊंचे शॉट पर लांग आन से ट्रिस्टन स्टब्स दौड़े और डीप मिडविकेट से फ्रेसर मैकगुर्क दौड़ते हुए आये । ऐसे में स्टब्स की नजर गेंद से हटी और उनके हाथ से छिटककर गेंद सीमारेखा पर लगी ।
खतरनाक होती इस साझेदारी को तोड़ने का जिम्मा कुलदीप को मिला और उन्होंने अगले ओवर की पहली ही गेंद पर सूर्यकुमार को लांग आफ पर स्टार्क के हाथों लपकवाया । सूर्यकुमार ने 28 गेंद में पांच चौकों और दो छक्कों की मदद से 40 रन बनाये ।
कप्तान हार्दिक पंड्या सिर्फ दो रन बनाकर निगम का शिकार हुए जिन्होंने लांग आफ पर ही स्टब्स को कैच थमाया ।
दो ओवर में दो विकेट गंवाने के बावजूद तिलक ने रन गति को बढाना जारी रखा ।उन्होंने मोहित शर्मा को 17वें ओवर में चौका जड़ने के बाद एक रन लेकर इस सत्र में दूसरा अर्धशतक सिर्फ 26 गेंद में पूरा किया । अगली यॉर्कर गेंद पर अंपायर ने उन्हें पगबाधा आउट दिया लेकिन बल्लेबाज ने तुरंत रिव्यू लिया और तीसरे अंपायर का फैसला उनके पक्ष में रहा ।
तिलक को अगले ओवर में फिर जीवनदान मिला जब मोहित की गेंद पर उनका कैच लपकने के प्रयास में मुकेश और आशुतोष आपस में टकरा गए और कुछ पलों के लिये मैदान से जाना पड़ा ।
मुकेश के आखिरी ओवर में 11 रन बने और तिलक का विकेट गिरा जिन्होंने डीप में अभिषेक पोरेल को कैच थमाया ।










