एक कहानी जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगी, पढ़िए पूरी स्टोरी, जानिए कैसे पाकिस्तान से शुरू हुई एक पारिवारिक यात्रा
क्या आपने कभी सोचा है कि एक विदेशी नागरिक भारत में वोट डाल सकता है? छत्तीसगढ़ से आई यह सच्ची कहानी न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि यह हमारे सिस्टम, समाज और संवेदनाओं से जुड़ी गहराई को भी उजागर करती है।
पाकिस्तानी मूल के दो भाई-बहन, जिन्होंने भारत में बचपन जिया, यहीं की मिट्टी में पले-बढ़े, शिक्षा ली और फिर भारत में ही नागरिकता की आस लगाए बैठे रहे। लेकिन जब वर्षों तक सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया — तो उठाया गया एक गलत कदम उन्हें जेल की सलाखों तक ले गया।
यह सिर्फ एक खबर नहीं है, यह एक इंसानी कहानी है, जिसमें कानून, संवेदना और पहचान की जटिलताएं उलझी हुई हैं।
पढ़िए पूरी स्टोरी, जानिए कैसे पाकिस्तान से शुरू हुई एक पारिवारिक यात्रा, भारत के लोकतंत्र और न्याय तंत्र से जा टकराई…
1993 में शुरू हुई यह कहानी, जब पाकिस्तान से जुड़ा रिश्ता
कोड़ातराई निवासी याकूब शेख ने 1993 में पाकिस्तान की एक महिला से विवाह किया था। विवाह के बाद उनकी पत्नी पाकिस्तान गई, जहां उनके दो बच्चे—इफ्तिखार और अर्निश—का जन्म हुआ। कुछ सालों बाद ये दोनों भाई-बहन लॉन्ग टर्म वीजा (LTV) पर भारत आए और अपने पिता के साथ कोड़ातराई में रहने लगे।
भारत सरकार से मांगी थी नागरिकता, पर अब तक नहीं मिला जवाब
सूत्रों के अनुसार, इन दोनों भाई-बहनों ने भारत सरकार से नागरिकता के लिए विधिवत आवेदन दिया था। वर्षों से उनका आवेदन लंबित है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। इसी अनिश्चितता और असुरक्षा की स्थिति में रहकर, उन्होंने गलत तरीके से खुद को भारतीय नागरिक बताकर वोटर ID बनवा लिया।
कोड़ातराई के लोगों का समर्थन: “इन्होंने कभी कोई परेशानी नहीं दी”
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इफ्तिखार और अर्निश बचपन से यहीं रह रहे हैं। उन्होंने यहीं की स्कूलों में पढ़ाई की, समाज में घुल-मिलकर जीवन जिया और कभी किसी को कोई परेशानी नहीं दी। एक स्थानीय बुजुर्ग ने कहा—
“ये लड़के यहीं बड़े हुए हैं, स्कूल में हमारे बच्चों के साथ पढ़े हैं। हमें आज तक इनसे कोई परेशानी नहीं हुई। सरकार को चाहिए कि इन्हें भारत की नागरिकता दे।”
फर्जी वोटर ID बनाकर किया मतदान, फिर गिरफ्तारी
इन दोनों ने निर्वाचन आयोग के फॉर्म-6 में गलत जानकारी देकर वोटर ID प्राप्त की और हाल ही में हुए चुनाव में मतदान किया। जांच में यह फर्जीवाड़ा सामने आया। पुलिस ने इनके खिलाफ IPC की धाराओं 199, 200, 419, 467, 468 और 34 के तहत मामला दर्ज किया है। उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई और जांच जारी
प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि इन वोटर ID कार्डों के जारी होने में किन अधिकारियों की लापरवाही रही। साथ ही अन्य विदेशी नागरिकों के दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी गई है।
क्या है लॉन्ग टर्म वीजा (LTV)?
LTV उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है जो भारत में विशेष परिस्थितियों में लंबे समय तक रहना चाहते हैं, लेकिन यह भारतीय नागरिकता का विकल्प नहीं होता। ऐसे लोगों को मतदान जैसे संवैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं होते।
यह मामला सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि एक मानवीय चुनौती भी है। ऐसे लोगों के लिए स्पष्ट नीति और समयबद्ध निर्णय की आवश्यकता है, जो वर्षों से भारत में रह रहे हैं, लेकिन आधिकारिक पहचान और अधिकारों से वंचित हैं।









