CG News: पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए दिनेश मिरानिया के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी GPIL, देगी 21 लाख

Spread the love

GPIL ने जताई संवेदना, मिरानिया के बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाएगी

कश्मीर के बैसरन क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए रायपुर के व्यवसायी दिनेश मिरानिया के परिवार को Godawari Power & Ispat Limited (GPIL) ने 21 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। यह सहायता CSR (कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के अंतर्गत दी जा रही है, जिससे उनके बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।


ह्यूमैनिटी की मिसाल बनी GPIL की पहल

GPIL की इस पहल को समाज में सहयोग और मानवीय संवेदना की मिसाल माना जा रहा है। यह कदम यह दर्शाता है कि उद्योगिक समूह भी सामाजिक जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हैं और जरूरतमंद परिवारों के साथ खड़े होते हैं।


शोक सभा में परिजनों को सौंपा जाएगा सहायता राशि का चेक

दिनेश मिरानिया के लिए 5 मई को आयोजित शोक सभा के दौरान GPIL के प्रतिनिधि परिजनों को औपचारिक रूप से 21 लाख रुपये का चेक सौंपेंगे। यह राशि सिर्फ एक आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक परिवार के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद बन सकती है।


“Growing Stronger Together” – हीरा ग्रुप का आदर्श बना प्रेरणा

GPIL, जो हीरा ग्रुप की प्रमुख कंपनी है, उसके आदर्श वाक्य “Growing Stronger Together” को उसने सिर्फ शब्दों में नहीं बल्कि अपने कार्यों से भी साबित किया है। यह पहल उसी विचारधारा का प्रतीक है।


शादी की सालगिरह पर गए थे दिनेश, नहीं लौटे वापस

22 अप्रैल को दिनेश मिरानिया अपने परिवार के साथ शादी की सालगिरह मनाने और एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने कश्मीर गए थे। लेकिन उनकी यह यात्रा अंतिम साबित हुई। बैसरन इलाके में आतंकियों ने पर्यटकों के धर्म और नाम पूछकर गोलीबारी की, जिसमें दिनेश की मौत हो गई।


GPIL की संवेदनशीलता बनी समाज के लिए संदेश

GPIL का यह कदम उन औद्योगिक घरानों के लिए प्रेरणा है जो सिर्फ मुनाफे पर ध्यान देते हैं। मिरानिया परिवार को मिली यह सहायता एक मजबूत संदेश देती है कि विपत्ति की घड़ी में संवेदनशीलता और सहयोग आज भी जिंदा हैं।

 

Related Posts

अमेरिका-ईरान टकराव खतरनाक मोड़ पर, सैन्य ठिकाने निशाने पर, ड्रोन अटैक विफल

Spread the love

Spread the love    अमेरिकी सेना ने ईरान में नए हमले किए हैं, जिसमें एक सैन्य ठिकाने को निशाना बनाया गया है, जिसके बारे में अधिकारियों का मानना था कि…

“आम नागरिक ही संविधान का वास्तविक केंद्र — हर व्यक्ति के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा सर्वोच्च दायित्व : सीजेआई”

Spread the love

Spread the love  “संविधान हर नागरिक का अधिकार, केवल अमीरों का विशेषाधिकार नहीं” — सीजेआई सूर्यकांत  न्याय व्यवस्था को आम लोगों तक पहुंचाने और गरीब एवं समाज के अंतिम पंक्ति…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!