गेवरा रोड की बजाय न्यू कुसमुंडा कोल साइडिंग में घुसी मेमू लोकल ट्रेन, यात्रियों में मची अफरा-तफरी
रेलवे की लापरवाही से टल गया बड़ा हादसा
कोरबा में शनिवार दोपहर रेलवे की एक गंभीर लापरवाही सामने आई, जब बिलासपुर से गेवरा रोड के लिए रवाना हुई मेमू लोकल ट्रेन अपने गंतव्य स्टेशन की बजाय सीधे कोयला साइडिंग पहुंच गई। यह ट्रेन यात्रियों से भरी हुई थी और न्यू कुसमुंडा कोल लोडिंग प्वाइंट (कमका साइडिंग) में प्रवेश कर गई, जिससे रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
कोयला साइडिंग में खड़ी दिखी ट्रेन का वीडियो वायरल
इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ट्रेन को कोयला साइडिंग में खड़ा देखा जा सकता है। जिस ट्रैक पर केवल कोयला मालगाड़ियों का संचालन होता है, वहां एक यात्री ट्रेन का पहुंच जाना रेलवे की सुरक्षा प्रणाली पर सवाल उठाता है।
लाइन क्लीयरेंस में तकनीकी खामी मानी जा रही वजह
सूत्रों के मुताबिक, लाइन क्लीयरेंस में हुई किसी तकनीकी गड़बड़ी के चलते यह घटना हुई। कोरबा और गेवरा रोड स्टेशन के बीच स्थित न्यू कुसमुंडा कोल साइडिंग में 11 रेल लाइनें हैं, जहां कोयले की लोडिंग होती है। ट्रेन का इस साइडिंग में जाना अधिकारियों के लिए चौंकाने वाली बात रही।
ट्रेन का नियमित शेड्यूल और चूक का समय
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेमू लोकल ट्रेन सुबह 10 बजे बिलासपुर से रवाना हुई और 11:30 बजे कोरबा पहुंची। वहां से यह गेवरा रोड के लिए निकली, लेकिन दोपहर 1:10 बजे यह गंतव्य स्टेशन की बजाय कोयला साइडिंग पहुंच गई। सामान्यतः यही ट्रेन 2:30 बजे गेवरा से बिलासपुर लौटती है।
रेलवे ने की त्वरित कार्रवाई, स्टेशन मास्टर सस्पेंड
घटना के बाद रेलवे प्रशासन ने तत्काल एक्शन लिया और एक स्टेशन मास्टर को सस्पेंड कर दिया। हालांकि, सस्पेंड किए गए अधिकारी की पोस्टिंग और नाम की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। इस चूक को लेकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के डीसीएम अनुराग कुमार सिंह और सीपीआरओ से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
यात्रियों की सुरक्षा पर फिर खड़े हुए सवाल
रेलवे की इस लापरवाही ने सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा किया है। अगर ट्रेन कोयला लोडिंग के दौरान वहां पहुंचती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल कोरबा रेलवे के स्टेशन मास्टर समेत दो अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है।









