बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के बाद उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। बिजली विभाग द्वारा पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, जिनका उद्देश्य बिजली चोरी रोकना और उपभोक्ताओं को सटीक बिल प्रदान करना था। लेकिन अब यह मीटर लोगों के लिए मुसीबत का कारण बन गए हैं।
भिलौनी निवासी अनिल यादव और शहर के अमित मिश्रा ने बताया कि दो से तीन महीने पहले उनके पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए गए। इसके बाद से बिजली बिलों में अचानक भारी वृद्धि हो गई है। उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले उन्हें हर महीने 300 से 400 रुपये का बिल आता था, लेकिन अब यह बढ़कर 3000 से 5000 रुपये तक पहुंच गया है।
इस तरह की शिकायतें केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि जिले के कई इलाकों से आ रही हैं। उपभोक्ता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं और बिजली विभाग से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता की उम्मीद थी, लेकिन उल्टा ये उपकरण आम जनता की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।
स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग से मांग की जा रही है कि इन बिलों की जांच कराई जाए और उपभोक्ताओं को राहत दी जाए।








